मौसम की मार पड़ी तो सरकार ने भी नहीं ली सुध: अभय
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने भी आरोप लगाया कि फसल खराब को लेकर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। किसानों को न तो समय पर डीएपी मिला और न ही यूरिया। मौसम की मार पड़ी तो सरकार ने भी किसानों की सुध नहीं ली। उन्होंने मांग की कि किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेसी विधायक बोले- किसानों को नुकसान ज्यादा हुआ, रिपोर्ट में कम दिखाया
कांग्रेस के विधायक चिरंजीव राव और जगबीर मलिक ने कहा कि किसानों की फसलों में नुकसान अधिक हुआ है, जबकि रिपोर्ट में कम दिखाया गया है। आज तक पिछले साल के नुकसान का मुआवजा भी किसानों को नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान के फसल खराबे की रिपोर्ट पोर्टल पर भरने के बाद सरकार उसकी जांच कराएगी। राजस्व विभाग की ओर से किसान का खराबा पोर्टल पर ही अपडेट कर दिया जाएगा। इससे किसानों को पहले से ही फसल खराब होने के प्रतिशत का पता चल सकेगा।
सभी डीसी को दिए विशेष गिरदावरी के आदेश: दुष्यंत
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत ने बताया कि सामान्य गिरदावरी होने के बाद फसलों को हाल ही में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए 2 मार्च को सभी उपायुक्तों को विशेष गिरदावरी के आदेश दिए हैं। हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से भिवानी, सोनीपत, कैथल, हिसार, अंबाला, रेवाड़ी, दादरी, महेंद्रगढ़, रोहतक, जींद व यमुनानगर में हुए नुकसान की रिपोर्ट आई है, जबकि करनाल, नूंह, फतेहाबाद, पंचकूला, पलवल, पानीपत, सिरसा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर और कुरुक्षेत्र में फसलों के नुकसान की शून्य सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 26 अक्तूबर 2014 से 28 फरवरी 2022 तक नुकसान के लिए 3386.54 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी है।
खेतों से मिट्टी उठाने वालों के लिए बनाई जाएगी योजना: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा खेतों से मिट्टी उठाने वालों वाले किसानों के लिए अलग से योजना बनाई जाएगी। खेतों से मिट्टी ईंट भट्ठा या अन्य उपयोगों के लिए उठाई जाती है और कई बार किसान वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए स्वयं अपने खेत की मिट्टी सड़क, नहर या कोई अन्य परियोजना के लिए उठवा लेता है। इसलिए खेत 2 से 3 फुट नीचे हो जाता है वहां पर पानी जमा होता है। ऐसे जलभराव वाले खेतों का उपयोग मत्स्य पालन के लिए करें। सीएम ने सभी विधायकों से अपील की कि वे किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति प्रेरित करें, क्योंकि बीमित फसलों पर 18 से 35 हजार रुपये तक का मुआवजा मिलता है।
हाल में हुई बारिश व ओलावृष्टि खराब रकबे का ब्यौरा
- जिला एकड़
- महेंद्रगढ़ 55339
- चरखीदादरी 52064
- रोहतक 26011
- भिवानी 24017
- यमुनानगर 19067
- सोनीपत 7490
- जींद 2660
- रेवाड़ी 855
- कैथल 96
9 लाख किसानों को 561 करोड़ रुपये के मुआवजे का इंतजार
अभी भी किसानों को करोड़ों रुपए के मुआवजे का इंतजार है। हरियाणा सरकार की ओर से खरीफ फसल 2021 का प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत कुल 1016 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है। इनमें से सवा लाख किसानों को 543 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। वहीं, हरियाणा सरकार की ओर से पिछले साल के मुआवजे के तौर पर 61 हजार किसानों के खाते में 131 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। कुल 9 लाख किसानों को 561 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है।
जेपी दलाल और किरण चौधरी दूसरे दिन भी भिड़े
सदन में कृषि मंत्री जेपी दलाल और किरण चौधरी के बीच दूसरे दिन भी तीखी नोकझोंक हुई। चौधरी ने दलाल पर आरोप लगाया कि वह सदन को गुमराह करते हैं और झूठे आंकड़े पेश करते हैं। इस पर दलाल ने दावा किया कि चौधरी को जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है। दलाल ने बताया कि प्रदेश के किसानों द्वारा 1500 करोड़ रुपए प्रीमियम के रूप में दिए गए हैं, जबकि बीमा कंपनियों द्वारा 5210 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया, जिसमें से 4729 करोड़ रुपये का किसानों के खातों में जा चुके हैं। जवाब में किरण चौधरी ने कहा कि किसानों से बीमा राशि जबरदस्ती काटी जा रही है, जबकि सभी किसानों को मुआवजा नहीं मिलता।