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साहब के अलावा मेमसाहब भी टिकट की दावेदार

Mon, 18 Aug 2014 12:20 PM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर पल-पल बदल रही राजनीतिक फिजा में इस बार कई नौकरशाह और उनकी पत्नियों ने भी ताल ठोक दी है। सियासत की चकाचौंध से दूर रहने वाले अधिकारी इस बार राजनीति की पिच पर बैंटिंग के लिए प्रैक्टिस शुरू कर दी है। चुनाव मैदान में उतरने के लिए इस बार रिटायर्ड डीजीपी रैंक तक के अधिकारी भी सक्रिय हैं।
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2014 के समर में कूदने के लिए कई अधिकारी वीआरएस ले चुके हैं, या फिर रिटारमेंट के साथ ही राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। कुछ ने रिटायरमेंट के बाद राजनीति की हवा देखते हुए भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है।

अब तक के इतिहास पर नजर डाले तो राजनीति में चमकने वाले चुनिंदा नौकरशाह ही हुए हैं। लेकिन भाजपा के सहारे कई अधिकारी इस बार विधायक बनने का सपना संजोए हैं। भाजपा में टिकट के लिए अधिकारियों और उनकी पत्नियों की लिस्ट लंबी है। उधर, इनेलो में लंबे समय से सक्रिय रहे कई अधिकारियों को पहली सूची में जगह नहीं मिली है, लेकिन दूसरी सूची में टिकट का ख्वाब यह अधिकारी अभी पाले हुए हैं।
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नीलम भगवाड़िया भी उतरेंगी मैदान में

हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरपी चंद्रा की पत्नी नीलम भगवाड़िया भाजपा के टिकट की बावल से दावेदार हैं। तीन बार मंत्री रह चुकी उनकी मां शकुंतला भगवाड़िया ने क्षेत्र के विकास के लिए काफी कुछ किया है।

राजनीतिक परिवार से होने के नाते उन्हें चुनावी हथकंडे पता हैं। फिलहाल में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ की ईशा फाउंडेशन की कोआर्डिनेटर भी  हैं। 1977 से नीलम भगवाड़िया की मां हरियाणा की सक्रिय राजनीति में रही हैं। पिछले दिनों चंडीगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा की मौजूदगी में नीलम भगवाड़िया ने भाजपा ज्वाइन की थी।

राजीव शर्मा ने घरौंडा से किया आवेदन:
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं। उन्होंने घरौंडा से भाजपा के टिकट के लिए आवेदन किया है। कमिश्नर रोहतक से रिटायर हुए शर्मा ने सरकार और सरकारी कामकाज को करीब से देखा है। निदेशक लोक संपर्क विभाग रहते हुए भी उन्हें सरकारी काम काज को करीब से देखने का मौका मिला, लिहाजा अब वे राजनीति की पिच पर इसी एक्सपीरियंस की बदौलत बैटिंग करना चाहते हैं।

झज्जर से दावा कर रहे हैं एचसी दिसोदिया:
हरियाणा सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके पूर्व आईएएस अधिकारी एचसी दिसोदिया भाजपा से झज्जर के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। 2008 में सेवानिवृत्त हुए दिसोदिया ने 16 मार्च 2014 को भाजपा ज्वाइन की। इससे पहले दशहरे से होली तक उन्होंने क्षेत्र में दौरा कर समर्थको से राय हासिल की। दिसोदिया लोकसभा चुनाव के दौरान ओम प्रकाश धनखड़ की अगुवाई में भाजपा में शामिल हुए थे।

सारवान की पत्नी टिकट की दावेदार:
रिटायर्ड आईएएस एमएल सारवान की पत्नी संतोष सारवान मुलाना हलके से भाजपा के टिकट की दावेदार हैं। वे हरियाणा सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। संतोष सारवान ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। कांग्रेस के टिकट पर वे विधायक बनने के बाद मंत्री बनी थीं।
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ये अफसर पहले से ही राजनीति में आजमा रहे किस्मत

हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी युद्धवीर सिंह ख्यालिया आम आदमी पार्टी से हिसार से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। पूर्व आईएएस वीरेंद्र मराठा असंध से बसपा के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। जबकि इनेलो में भी कई आईएएस अधिकारी सक्रिय हैं। अब यह टिकट के लिए दावा पेश कर रहे हैं या नहीं यह आने वाला समय बताएगा।

पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, आईएएस बीडी ढालिया और आर एस चौधरी जैसे अधिकारी इनेलो में लंबे समय से सक्रिय हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक पूर्व आईएएस विद्याधर की पत्नी को तोशाम से टिकट दिया है।

आईडी स्वामी और कृपाराम पूनिया रहे हैं सफल:
हरियाणा में वैसे तो कई नौकरशाह टिकट के लिए दावेदार हैं, लेकिन सफल हुए नौकरशाहाें में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आईडी स्वामी का नाम सबसे पहले आता है। हरियाणा की राजनीति में कृपाराम पूनिया का नाम भी बड़ा नाम है। वे हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। हालांकि इस बार आईडी स्वामी के पुत्र राजेंद्र स्वामी करनाल से टिकट के दावेदार हैं।

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