ट्राइसिटी में वीकेंड कर्फ्यू लगाने के प्रस्ताव पर पंजाब के बाद अब हरियाणा ने भी असहमति जता दी है। प्रशासन अब अकेले ही शहर में वीकेंड कर्फ्यू लगा सकता है। बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें फैसला लिया जाएगा।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन वीकेंड कर्फ्यू लगाने पर विचार कर रहा है। हर शुक्रवार शाम 7 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक यह चलेगा। सुखना लेक, पार्क, भीड़भाड़ वाले मार्केट, शहर के मॉल व शोरूम को भी बंद किया जा सकता है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने चंडीगढ़ समेत मोहाली और पंचकूला के अधिकारियों की बुधवार को बैठक बुलाई है। इसमें ही अंतिम फैसला होगा।
अकेले चंडीगढ़ में कर्फ्यू से कोई लाभ नहीं
यूटी प्रशासन ने सिर्फ चंडीगढ़ में ही नहीं बल्कि पंचकूला और मोहाली में भी वीकेंड कर्फ्यू लगाने का प्रस्ताव बनाया था। इस प्रस्ताव को पंजाब और हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी को मंजूरी के लिए भेजा था लेकिन दोनों राज्यों ने इनकार कर दिया।
अधिकारियों का तर्क है कि सिर्फ चंडीगढ़ में कर्फ्यू लगाने से कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि शहर पंचकूला और मोहाली से घिरा हुआ है, ऐसे में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। जबतक ट्राइसिटी में वीकेंड कर्फ्यू नहीं लगाया जाता, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोक पाना काफी कठिन होगा।