चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में सीआईआई के कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में शनिवार को हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि इन मेलों से किसानों को एक-दूसरे की तकनीक को समझने का मौका मिलता है। कृषि मंत्री ने पराली पर कहा कि दिल्ली एनसीआर भी मानता है कि हरियाणा का कृषि प्रबंधन सबसे बेहतर है। कृषि प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार से फंड मिलता है। हरियाणा की अपेक्षा पंजाब को तीन गुना फंड मिलता है, इसके बावजूद हरियाणा का कृषि प्रबंधन देश में सबसे बेहतर है। आगामी वर्षों में फसलों के पूरे प्रबंधन की योजना भी हरियाणा ही बनाकर देगा।
जेपी दलाल ने कहा कि प्रदेशों को राज्य व केंद्र दोनों की ओर से फंड दिया जाता है। इसका पंजाब कैसे प्रयोग करता है हमें नहीं पता है। हरियाणा सरकार ने कृषि प्रबंधन के फंड से 80 हजार किसानों को मशीनें दी हैं। सरकार ने एक कमेटी बना दी है जो पराली का उपयोग करने के लिए उद्योगों की स्थापना का विकल्प देख रही है ताकि किसानों को फसल के हर अवशेष का दाम मिल सके। इसके साथ ही फसल के अवशेष को उपभोक्ता तक सीधे पहुंचाया जा सके। अपने किसानों को फसल न जलाने के लिए हरियाणा सरकार एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देती है।
पंजाब से शिकायत नहीं, प्रबंधन न करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
जेपी दलाल ने कहा कि पंजाब के लोगों और किसानों से कोई शिकायत नहीं है। एनसीआर दिल्ली का जो हाल है, लोग घर से नहीं निकल पा रहे हैं, ऑड-ईवन लागू है, ऑफिस में स्टाफ आधा करना पड़ा है, स्कूलों में छ़ुट्टी हो गई है। इससे जाहिर है कि दिल्ली सरकार ने पिछले छह साल में जो प्रबंधन करना चाहिए था वह नहीं किया। इसका संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने लिया है। हम अदालत से अपील करेंगे कि मानवता के खिलाफ काम करने वाले इस प्रकरण में जो लोग संलिप्त हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
हरियाणा में बनेगा एक्सीलेंस सेंटर, तीन साल में पेश करेंगे मिसाल
जेपी दलाल ने बताया कि हरियाणा में जल्द एक एक्सीलेंस सेंटर बनने जा रहा है। जहां किसानों को बीज और खेती के बारे में बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरियाणा हर साल ढाई हजार करोड़ की मछली का उत्पादन करता है। अभी एक हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया है। यह किसान खारे पानी में ढाई एकड़ के फार्म में छह माह के अंदर 15 से 25 लाख रुपये तक की आमदनी कर रहे हैं। मछलियां विदेश में एक्सपोर्ट होती है। जहां खारे पानी के कारण 10 हजार तक की आमदनी नहीं थी, वहां हमने रोजगार तैयार किया है। आने वाले तीन साल में कृषि और मत्स्य पालन से किसानों को करोड़पति बनाने की योजना है।
शहद आप ले जाएंगे तभी तो ब्रांडिंग होगी
जेपी दलाल और कृषि विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनीता मिश्रा ने मेले में हरियाणा व उत्तराखंड के स्टॉल का भ्रमण किया। उन्होंने छोटे किसानों से बातचीत कर योजनाओं के लाभ के बारे में पूछा। कुछ किसानों से मंत्री प्रभावित हुए तो उनके फार्म हाउस पर भी जाने का वादा किया। इस दौरान अपने विभाग के स्टॉल पर जाकर मशीनों को बढ़ाने के लिए कहा। अधिकारियों ने बताया कि पोलेंड से मशीनें खरीदकर आ रही हैं। 35 करोड़ की एक मशीन से गांव में फसलों की पैदावार को मजबूत किया जाएगा। इस दौरान एक शहद वाले ने कहा कि आप शहद ले जाइए, तभी हमारी ब्राडिंग होगी। इसके बाद सब लोग हंसने लगे।