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Haryana: प्रदेश में धड़ल्ले से बिक रहे मिलावटी खाद्य पदार्थ, 25 प्रतिशत सैंपल फेल

Thu, 24 Oct 2024 08:34 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

एक साल में 2682 सैंपल लिए गए। इनमें 676 सैंपल फेल हो गए। उधार के अधिकारियों से काम चल रहा है। दो दो तीन तीन जिलों का चार्ज होने के चलते सैंपलिंग नहीं हो पाती। 
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दूध दही के खाने के लिए मशहूर हरियाणा में धड़ल्ले से मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। खुद खाद्य एवं औषधि विभाग के आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। एक साल में विभाग की ओर से लिए गए कुल सैंपल में से 25 प्रतिशत फेल पाए गए हैं। मतलब ये खाद्य पदार्थ खाने लायक नहीं मिले। इनमें दूध, पनीर से लेकर मिठाई, मसालों के साथ अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक विभाग ने 1 अप्रैल, 2023 से लेकर 31 मार्च 2024 तक अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल 2682 सैंपल लिए। जांच में 676 सैंपल फेल पाए गए हैं। आंकड़े ये भी बता रहे हैं कि पूरे प्रदेश में प्रतिदिन केवल सात और माह में केवल 210 सैंपल ही लिए जा रहे हैं। इसका सीधा सा मतलब ये है कि काफी संख्या में खाद्य पदार्थों की जांच विभाग कर ही नहीं पाता और लोगों को मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थ धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।

स्टाफ न अधिकारी, लटकी है भर्ती
कम सैंपल लिए जाने का सबसे बड़ा कारण ये है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न जांच व निगरानी के लिए अधिकारी हैं। स्थिति ये है कि इस समय प्रदेश के 22 जिलों में से मात्र सात जिलों में ही जिला खाद्य अधिकारी हैं और सभी के पास दो से तीन तीन जिलों के चार्ज है।
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दूसरा, फूड सेफ्टी आफिसर (एफएसओ) की बात करें तो प्रदेश में केवल 10 अधिकारी हैं और इनके पास भी कई-कई जिलों के चार्ज हैं। प्रदेश में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 45 स्वीकृत पदों में से 43 लंबे समय से खाली पड़े हैं। स्थायी तौर पर केवल दो पदों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी काम कर रहे हैं। शेष अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखा गया है। पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग से अधिकारियों को डेप्यूटेशन पर लिया गया है और इनके भरोसे ही विभाग चल रहा है।

सैंपलिंग का तय किया है लक्ष्य : शर्मा
खाद्य विभाग के संयुक्त सचिव डीके शर्मा ने बताया कि विभाग ने फूड सेफ्टी अधिकारियों को प्रति माह 30 खाद्य नमूने लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। त्योहारी सीजन में विशेष रूप से निगरानी और सैंपलिंग के लिए निर्देश दिए गए हैं। जहां तक फूड सेफ्टी अधिकारियों की कमी की बात है तो यह प्रस्ताव सरकार को भेजा हुआ है। संभावना है कि जल्द विभाग को अधिकारी मिलेंगे।

सैंपल लेने का जिलावार आंकड़ा
जिला सैंपल लिए सैंपल फेल
  • पानीपत 239             70
  • गुरुग्राम 200             74
  • रेवाड़ी 183             66
  • जींद 177             51
  • झज्जर 173             58
  • सोनीपत 147             30
  • यमुनानगर 145             5
  • हिसार 134             28
  • पंचकूला 127             24
  • रोहतक 125             13
  • कैथल 120             35
  • अंबाला 120             27
  • फतेहाबाद 101             21
  • महेंद्रगढ़ 99             33
  • मेवात 98             50
  • फरीदाबाद 92             21
  • सिरसा 92             6
  • भिवानी 86             27
  • कुरुक्षेत्र 70             14
  • करनाल 68             8
  • चरखी दादरी 48             13
  • पलवल 38             2
  • कुल 2682             676
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