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अब जितना खूंखार कैदी, यहां उतनी तगड़ी सिक्योरिटी

Sun, 25 Oct 2015 11:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अब कैदी जेल से भाग नहीं पाएंगे, क्योंकि अब जितना खूंखार कैदी होगा, उतनी तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था उसके लिए की जाएगी। ये ऐलान किया है चंडीगढ़ पुलिस ने। पुलिसकर्मियों की लापरवाही से कैदियों की फरार होने के बाद यूटी पुलिस नींद से जागी है।
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विभाग कैदियों को ग्रेडिंग व्यवस्था में सुरक्षा देने की तैयारी में लगी है। इसके साथ कैदियों की टाइमिंग रिपोर्ट भी दर्ज की जाएगी। जिला अदालत से लगातार पांच कैदियों के भागने के बाद यूटी पुलिस ने इस सिस्टम को बनाने के आदेश दिया है।

यह ग्रेडिंग बनाने का पैनल
ग्रेडिंग सिस्टम बनाने व सुरक्षा व्यवस्था करने का जिम्मा डीएसपी लाइन सुमन कुमार व एएसपी साउथ नवदीप बराड को सौंपा गया है। इस प्रक्रिया की पूरी देखरेख उनके अंडर में किया जाएगा। यूटी पुलिस जल्द ही कैदियों के नाम पर ग्रेडिंग तैयार करना शुरू करेगी।
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यह है ग्रेडिंग सिस्टम
ग्रेडिंग सिस्टम में कैदियों के हावभाव व जेल में उनके रहन सहन को दिखाया जाएगा। इसके अलावा कैदियों के क्रिमिनल रिकार्ड व अपराध की श्रेणी के तहत ग्रेड दिया जाएगा। ग्रेड के आधार पर कैदियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके साथ कैदियों की टाइमिंग भी दर्ज करवाई जाएगी। अभी तक सिस्टम में एक के साथ एक पुलिसकर्मी, दो के साथ तीन व तीन कैदियों के साथ पांच पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती थी। इस तरह सभी कैदियों का एक जैसा ही सुरक्षा व्यवस्था है।

कैमरे पर रहेगी अधिकारियों की नजर
हाल में ही फरार कैदियों के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का हाथ होने का आरोप लगा है। इसके बाद ग्रेडिंग सिस्टम में सीसीटीवी कैमरे से कैदियों पर अधिकारियों की लगातार नजर होगी। इसका कंट्रोल सिस्टम कंट्रोल रूम से थाने तक होगा।

कोर्ट की सुरक्षा में 60 कैमरों की प्रोजेक्ट लटका
इससे पहले भी कैदियों के भागने व अन्य सुरक्षा के मद्देनजर यूटी पुलिस ने कोर्ट परिसर  में कैमरा लगाने का मांग की थी। करीब 60 कैमरे कोर्ट परिसर में लगाने के प्रोजेक्ट का टेंडर काफी समय से लटका हुआ है।

एक महीने में पांच कैदी फरार
कोर्ट परिसर से सितंबर महीने में एक साथ चार कैदी फरार हुए थे। इसके कुछ ही दिनों के बाद एक अन्य कैदी भी कोर्ट परिसर से कांस्टेबल को धक्का देकर फरार हो गया। इस केस में आरोपी कांस्टेबल की भूमिका संदिग्ध आ रही थी। पुलिस इसकी जांच में लगी है। जबकि, इसके अलावा भी पहले कई कैदी कोर्ट परिसर से फरार हो चुके है।

कैदियों को भागने की वारदात को संज्ञान में लेते हुए डीएसपी लाइन व एसएसपी साउथ के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। इसको कैदियों के सुरक्षा व्यवस्था में फेरबदल करने का जिम्मेदारी दी गई है।
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- डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
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