चंडीगढ़। आतंकी हैप्पी पासिया ने ही वीडियो कॉल के जरिए जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला से गुरदासपुर के किला लाल सिंह पुलिस थाना के बाहर आरपीजी अटैक करवाया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हैप्पी पासिया का पूरे भारत में नेटवर्क फैला है। उसके गुर्गों की 25 टीमें आरडीएक्स के साथ अलग अलग जगहों पर छिपी हैं, जो हैप्पी पासिया के कहने पर हमले कर रही हैं। पासिया हमला करने से पहले अपने गुर्गे को उस शहर में भेज देता था, जहां हमला करवाया जाना था। वहीं पर उन्हें आरडीएक्स मुहैया करवाए जाते थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जोबन आरपीजी अटैक में काफी माहिर था, जिसे पासिया ने थानों पर अटैक करने के लिए चुना था। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से हैप्पी पासिया की रिकॉर्डिंग और चैट मिली है।
पाकिस्तान से रिंदा भेज रहा था हथियार और आरडीएक्स
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आतंकी रिंदा पाकिस्तान से आरडीएक्स पहुंचा रहा था। उसके बाद आरडीएक्स हैप्पी पसिया के गुर्गों तक पहुंचती थी। हैप्पी पासिया किसी अन्य व्यक्ति के जरिए आरडीएक्स और हथियार जगह बताकर रखवा देता था। इसके बाद दूसरे गुर्गे को जगह बताकर उठवा लेता था। इसमें आरडीएक्स देने वाले और उठाने वाले को आमने सामने नहीं करता था। जैसे कोई पुल हो या कोई पेड़ हो उसके पास आरडीएक्स रखवा देता था। जहां से उठाने के लिए दूसरे गुर्गे भेजता था। इसके लिए मोबाइल पर लोकेशन भेजी जाती थी।
गुरदासपुर में थाने पर हमले का मुख्य आरोपी है बिल्ला
पिछले महीने गुरदासपुर के किला लाल सिंह पुलिस थाने पर बिल्ला ने राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) अटैक किया था। इस मामले में पंजाब पुलिस ने लगभग सभी आरोपियों को पकड़ लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी जोबन फरार चल रहा था। गुरदासपुर में इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। इसके अलावा अमृतसर में विशाल ज्वेलर्स और शराब ठेकेदार पर फायरिंग के मामले में भी जोबनजीत शामिल था। जोबन ने आरपीजी हमले के बारे में इंटरनेट मीडिया से जानकारी ली थी।