सायरन और ब्लैकआउट हमें सर्तक करने के लिए
एक सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते इस परिस्थिति के लिए 15 दिन से तैयार था। देश सबसे पहले है। सायरन और ब्लैकआउट हुआ तो बहुत लोगों का फोन आया। सभी को बताया कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि यह हमें सतर्क करने के लिए है। प्रशासन और सरकार के हर फैसले के साथ इस समय खड़े होने की अपील सभी से कर रहा हूं। -
यादविंदर मेहता, प्रधान, शिवशक्ति मंदिर, सेक्टर 30-बी
पहला अनुभव था लेकिन मन में डर नहीं है
जीवन में पहली बार इस प्रकार की स्थिति देखी है। भारत और पाक के बीच तनाव कई बार हुए लेकिन इस बार सायरन बजा। उसके बाद अलर्ट किया जा रहा है। यह अच्छी बात है। प्रशासन सभी को अलर्ट कर रहा है। मन में डर नहीं है। अपनी सेना पर पूरा विश्वास है। हमारी सेना पूरी तरह से तैनात हैं। हम सभी अपने बहादुर सैनिकों और सरकार के साथ हैं।-डॉ. विनोद कुमार
सायरन बजने से डर नहीं लगता
दो बार सायरन बजा लेकिन डर एक बार भी नहीं लगा। सेना और उनके तकनीक पर पूरा भरोसा है। पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन, मिसाइल और एयरक्राफ्ट हो, सभी को हवा में ही मार गिराया जा रहा है। मैंने 1965 और 71 की जंग को भी देखा है। उस समय जमीन पर लड़ाई होती थी। अब तकनीक का दौर है। हम अपनी वायुसेना, जलसेना और थलसेना पर बहुत विश्वास करते हैं। इसीलिए हमें डर नहीं लगता। हमने चिंता छोड़ दी है। - यशपाल तिवारी, अध्यक्ष श्री ब्राह्मण सभा चंडीगढ़।
सायरन की आवाज पर लगा कि मॉक ड्रिल चल रही है
सायरन की आवाज सुनाई दी तो लगा कि मॉक ड्रिल चल रही है। न्यूज और अन्य माध्यमों से पता चला की चंडीगढ़ पर भी ड्रोन अटैक का खतरा है। ऐसे में एक बार तो दिल घबराया। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता के होने के नाते मन में बात आई कि यह घबराने का नहीं बल्कि लड़ने और साहस दिखाने का समय है। उसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को प्रशासन की ओर से मिल रही गाइडलाइन का पालन करने की अपील की।- रोहन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता
मंदिर और मस्जिद के लाउडस्पीकर स्पीकर का इस्तेमाल होना चाहिए
यह समय एकता दिखाने का है। हमारे इलाके में सायरन की आवाज नहीं आती। ऐसे में मंदिर और मस्जिद के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होना चाहिए। हर तरह से देश की आर्मी के साथ है। जरूरत पड़ी तो देश सेवा के लिए भी हर तरह से उपस्थित रहूंगा। - साहिल चावर, निवासी इंदिरा कॉलोनी