फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब पंजाब में भी रेप के आरोप में होगी फांसी, आर्थिक अपराधियों की जब्त होगी संपत्ति

Thu, 28 Jun 2018 09:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
पंजाब मंत्रिमंडल ने दुराचार और आर्थिक अपराधों में भगोड़ों से संबंधित केंद्र सरकार के दो अहम अध्यादेशों को राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी दी। बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान क्रिमिनल ला (अमेंडमेंट) आर्डिनेंस, 2018 (आर्डिनेंस नंबर 2 ऑफ 2018) जिसे केंद्र सरकार द्वारा दुराचार संबंधी कानून को और सख्त बनाने के लिए लाया गया है, को पंजाब गजट में प्रकाशित करने की अनुमति दी गई, ताकि इसके संबंध में आम लोगों को जागरूक और राज्य में इस कानून को प्रभावशाली ढंग से लागू किया जा सके।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री दुराचारियों को सख्त सजा दिए जाने के हक में थे और बाकी सभी कैबिनेट मंत्रियों ने भी उनका समर्थन किया। इसके साथ ही भगोड़े आर्थिक अपराधियों संबंधी अध्यादेश, 2018 को लागू करने पर वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने बड़े सार्वजनिक हित में इस अध्यादेश को राज्य के गज़ट में फिर प्रकाशित करने को भी हरी झंडी दे दी।

दुराचार/गैंगरेप के अपराध में अब होगी सजा
12 वर्षों से कम आयु की बच्ची के साथ दुराचार पर मौत की सजा के अलावा यह क्त्रिस्मिनल ला (अमेडमेंट) आर्डिनेंस, 2018 आईपीसी में भी संशोधन करता है, जिससे तहत दुराचार के लिए कम से कम सजा सात साल से बढ़ाकर दस साल की गई है। 16 साल से कम आयु की लड़की के साथ दुराचार पर कम से कम सजा उम्र कैद निर्धारित की गई है जोकि पहले 20 वर्ष बामुशक्कत कैद थी। इसको अब बढ़ाकर ताउम्र कर दिया गया है।
विज्ञापन


इस अध्यादेश के अंतर्गत कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर में भी संशोधन किया गया है। दुराचार के मामलों में जांच दो महीनों के अंदर मुकम्मल करनी होगी। दुराचार के मामलों पर सुनवाई दो महीनों में मुकम्मल करनी जरूरी होगी और अपीलों के निपटरे के लिए छह महीनों का समय तय किया गया है। 12 और 16 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के साथ दुराचार या सामूहिक दुराचार के मामलों में नामजद अपराधियों के लिए अग्रिम जमानत संबंधी कानून में भी संशोधन किया गया है।

आर्थिक अपराधी की संपत्ति होगी जब्त
आर्थिक अपराधों में भगोड़ों संबंधी अध्यादेश, देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों की जायदाद और संपत्ति को केस के साथ जोड़ने या जब्त करने की शक्ति देता है। देश में हाल ही में हुए आर्थिक घपलों, खासतौर पर 13 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले, जिसमें नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के देश छोड़कर भाग जाने के कारण केंद्र सरकार को यह अध्यादेश लाना पड़ा है।

इस अध्यादेश से अपराधी को भारत आकर अपने अपराधों के लिए अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा । इससे बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को वित्तीय घोटालों में से उगाही होने की उम्मीद है।

चिड़ियाघरों का राजस्व जमा होगा सोसाइटी के खाते में

चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में राज्य के सभी चिड़ियाघरों के राजस्व को पंजाब चिड़िया घर विकास सोसाइटी के खाते में जमा कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। मंत्रिमंडल ने इसके लिए स्टेट बोर्ड फार वाइल्ड लाइफ के एक फैसले, जो 14 जुलाई 2017 को लिया गया था, तो हरी झंडी दे दी।

चिड़िया घरों को एंट्री टिकटों के अलावा कैंटीन, पार्किंग, सफारी, वाहनों और फूड कोर्टों आदि से राजस्व मिलता है और इसे पहली अप्रैल 2013 से सोसाइटी के खाते में जमा कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पंजाब के चिड़िया घरों के विकास के लिए 26 फरवरी 2012 को पंजाब के नोटिफिकेशन के तहत पंजाब चिड़िया घर विकास सोसायटी गठित की गई थी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें