कैशियर हत्याकांड के बाद सेक्टर बने छावनी
सेक्टर-11 स्थित श्रीकुमार केमिस्ट के कैशियर की हत्या के बाद शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों और प्रशासक की कड़ी नाराजगी के बाद चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है।
शहर के उन बाजारों और सेक्टरों को सुरक्षा के लिहाज से विशेष निगरानी में रखा गया है, जहां व्यापारियों को रंगदारी और धमकी भरे फोन कॉल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित थाना प्रभारियों को रोजाना सुरक्षा व्यवस्था और गश्त की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
हत्याकांड के बाद सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था सेक्टर-11 मार्केट में दिखाई दे रही है। यहां अधिकांश केमिस्ट और कारोबारी अब पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ निजी सुरक्षा कर्मियों (पीएसओ) की भी तैनाती करवा चुके हैं। बाजार के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर चौबीस घंटे नाके लगाए गए हैं, जहां पुलिस के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी तैनात किए गए हैं। आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-11 में दिन-रात पीसीआर वाहन और राइडर लगातार गश्त कर रहे हैं। बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
सुरक्षा का यह घेरा केवल सेक्टर-11 तक सीमित नहीं है। सेक्टर-19, सेक्टर-22 और सेक्टर-35 की प्रमुख मार्केटों में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इन बाजारों में नियमित नाकाबंदी के साथ शाम और रात के समय विशेष गश्त अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमों को व्यापारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि हाल के दिनों में रंगदारी की घटनाओं और धमकी भरे कॉल्स ने कारोबारियों में चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में पुलिस की बढ़ी हुई मौजूदगी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन वे स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या धमकी की सूचना मिलने पर तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे।