भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के सीमावर्ती गांवों के जिन हैंडपंपों से मीठा पानी पीने को मिलता था, उनमें से अब जहरीला पानी निकल रहा है। ये सब पाकिस्तान की चमड़ा फैक्ट्रियों की करामात है। पाक से भारत की तरफ बहने वाले सतलुज दरिया में फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त गंदा पानी 16 सालों से डाला जा रहा है।
यह पानी हुसैनीवाला बॉर्डर से भारत में प्रवेश करता है। इसके कारण हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे लगभग 22 गांवों का भूजल पीने लायक नहीं रह गया है। स्थानीय गांवों के बुजुर्गों का कहना है 16 साल पहले हैंडपंपों का पानी ठंडा और मीठा होता था, लेकिन अब जहरीला हो चुका है। उनके घरों की पानी की टंकी में भरा हैंडपंप का पानी पीला है।
वह इस पानी से कपड़े धोने व नहाने को मजबूर हैं, जो बीमारियों का कारण है। ग्रामीणों का कहना है कि यह अकेले गांव चांदी वाले की समस्या नहीं है, बल्कि हुसैनीवाला बॉर्डर से लेकर फाजिल्का तक फैली सरहद के साथ-साथ सीमांत गांवों का भी ये हाल है।