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लखनऊ-चंडीगढ़ सद्भावना एक्सप्रेस में टीटीई की करतूतें काली

Sat, 14 Nov 2015 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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लखनऊ-चंडीगढ़ सद्भावना एक्सप्रेस में टीटीई काली कमाई में जुटे हैं। आरोप है कि ट्रेन में बेटिकट और वेटिंग वाले यात्रियों से टीटीई नियम तोड़कर मनमाना पैसे वसूलते हैं।
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वह उन्हें सीट पर बिठा देते हैं। हद तो तब हो जाती है, जब पहले से रिजर्वेशन करा चुके यात्रियों को सीट नहीं मिलती और टीटीई उन्हें मैनेज करने का आश्वासन देता है। कुछ इसी तरह का वाकया 2 नवंबर को चंडीगढ़ लौट रहे दो दंपति के साथ पेश आया। टीटीई के इस रवैये के खिलाफ यात्रियों में रोष है।

2 नवंबर की रात सद्भावना में लखनऊ से बैठे अमर, राजू ने सामूहिक शिकायत देकर टीटीई के खिलाफ 3 नवंबर को स्टेशन मास्टर को शिकायत दी थी। लेकिन रेलव ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रेलवे ही टीटीई के जरिये इस तरह की वसूली करा रहा है।
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इस तरह चल रहा खेल
यात्रियों का आरोप है कि 2 नवंबर को रात साढ़े दस बजे जैसे वही वह सद्भावना एक्सप्रेस में लखनऊ स्टेशन से चले तो कुछ बेटिकट और वेटिंग यात्रियों से रुपये लेकर टीटीई ने एस-1 कोच में सीट पर बिठने को कहा। इस कोच में सीट नंबर 43 जो चित्ररेखा के नाम से अलॉट थी और 46 नंबर सीट मोहिनी के नाम पर अलॉट थी।

इस पर 6 से 7 युवक जबरन आकर बैठ गए। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई टिकट नहीं है, लेकिन उन्हें टीटीई ने बैठने को कहा है। पीड़ित यात्रियों ने जब टीटी से शिकायत की तो टीटी ने मैनेज करने को कहा। इन यात्रियों को चंडीगढ़ तक आना था। लांग रूट के चलते पूरी रात इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

यात्रियों ने आरोप लगाया है कि जिन यात्रियों की टिकट रिजर्व थी, टीटीई ने उन्हीं के टिकट चेक किए। जिन्हें टीटीई ने जबरन बिठाया था उनके टिकट जांच के लिए नहीं मांगे। यही कारण है कि यात्री रुपये लेकर सीट अलॉट करने के आरोप लगा रहे हैं। उस टीटीई ने अपनी पहचान भी छुपाई और यात्रियों को नाम भी नहीं बताया।
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पीड़ित यात्री को मामला रफा-दफा करने की कॉल

अमर और राजू ने बताया कि कुछ अन्य जरनल कोच टिकट यात्री उसी कोच में बैठे थे। इनमें से एक अंबाला के यात्री से भी टीटीई ने तीन सौ रुपये चार्ज किए थे। जैसे ही ट्रेन लखनऊ से सहारनपुर पहुंची तो उस टीटीई की शिफ्ट बदल गई।

दूसरा टीटीई सहारनपुर में चढ़ा और टिकट की जांच करने लगा। टीटीई ने उस यात्री से टिकट मांगी तो पता चला कि उसने पहले वाले टीटीई को पैसे दिए हैं। इस पर टीटीई ने रसीद मांगी, लेकिन रसीद नहीं मिली। ऐसे में टीटीई ने दोबारा पैसे लेकर रसीद दी।

शिकायत के बाद नंबर लीक
चंडीगढ़ में शिकायत के दो दिन बाद लखनऊ से पीड़ित यात्री को एक कॉल आई। उसने आरोपी टीटीई को छोटा भाई बताया और कहा कि उससे गलती हो गई है। उसे माफ कर दो। कॉल करने वाले ने बताया कि उसने उसे कई बार कहा कि वसूली का खेल बंद कर दे। लेकिन वह मानता ही नहीं है। ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपलेंट लेटर में दर्ज पीड़ित यात्री का नंबर कॉल करने वाले व्यक्ति तक कैसे पहुंचा।

राजेंद्र दत्ता, एसएस, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन ने बताया इस संबंध में शिकायत मिली थी, मामले की जांच के लिए केस को लखनऊ ट्रांसफर किया है। जांच के बाद जल्द ही कार्रवाई होगी।

दिनेश कुमार, डीआरएम अंबाला ने बताया कि इस बारे में एक यात्री ने घटना के तुरंत बाद मुझे शिकायत की थी। फिलहाल, चंडीगढ़ से इंक्वायरी मार्क की गई है। हम केस को फॉलो कर रहे हैं। लखनऊ के आला अधिकारियों से भी बात करेंगे।
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