चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के आधे से अधिक विभागों को नहीं पता है कि हैरिटेज फर्नीचर कैसा होता है। वे इसकी परख नहीं कर पा रहे हैं। अब विशेषज्ञों की टीम हर विभाग में जाकर इसका रिकॉर्ड तैयार करेगी ताकि इस कीमती फर्नीचर को सुरक्षित रखा जा सके।
पीयू के सभी विभागों को पत्र जारी किए गए थे कि वह यह बताएं कि उनके यहां कितना फर्नीचर हैरिटेज है। कितनी कुर्सी व मेज हैं जो पीयू की धरोहर हैं। यह पत्र जाने के बाद विभागों ने फर्नीचर की पहचान करना शुरू किया। सूत्रों का कहना है कि 45 फीसदी विभागों ने हैरिटेज फर्नीचर का आंकड़ा दे दिया, लेकिन बाकी आधे से अधिक विभागों ने कह दिया कि वह हैरिटेज फर्नीचर की पहचान नहीं कर पा रहे हैं। कमेटी की हुई बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि विशेषज्ञों की टीम भेजकर इस फर्नीचर की पहचान करवाई जाए। सूत्रों का कहना है कि पिछले वर्षों में लाखों की टेबल व कुर्सियां चोरी हुई थीं। मामले भी सामने आए, लेकिन उनके खुलासे नहीं किए जा सके। 5 नंबर ब्वॉयज हॉस्टल की टेबल बाहर ले जाने का प्रकरण भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया जबकि इसमें कई लोगों के शामिल होने की सूचना थी। कुछ विभागों से कुर्सियां भी बाहर निकली हैं, उनका भी पता आज तक नहीं लग पाया है।