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जिमिंग अब हो गई एडवांस, लोगों को बॉडी का ही नहीं फिटनेस का भी क्रेज, ऐसा होना चाहिए ट्रेनर

Mon, 12 Aug 2019 12:23 PM IST
खुशबू गोयल संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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जिम में एक्सरसाइज करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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जिम का नाम सुनते ही एक बॉडी बिल्डर की तस्वीर सामने आ जाती है। लोग मानते हैं कि जिम में तो सिर्फ बॉडी बनाने की एक्सरसाइज कराई जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। जिम काफी एडवांस्ड हो गए हैं। कई तरह की नई ट्रेनिंग जुड़ गई हैं। जिम में बॉडी बनाने की बजाय अब फिट रहने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
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इसके लिए तरह-तरह की मशीनें, ट्रेनिंग और तकनीक आ गई हैं। ऑफिस से पहले किसी को जिम जाना है तो वह ट्रेनिंग के बाद जिम में ही फ्रेश होकर सीधे ऑफिस जा सकता है। अब जिम एक कंप्लीट पैकेज है, जो न सिर्फ आपको फिट रखता है बल्कि उससे जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित भी करता है। आइए जानते हैं कि उन बदलावों के बारे में, जो जिम को आज एडवांस्ड बना रहे हैं।

एक्सरसाइज के साथ जुंबा डांस व भंगड़ा  
जो भी नए जिम आ रहे हैं, वे अपने ग्राहकों को एक्सरसाइज के साथ जुंबा डांस व भंगड़ा की ट्रेनिंग भी ऑफर कर रहे हैं। नौजवान यहां आकर अपनी बॉडी तो बनाते ही हैं। साथ ही जुंबा डांस व भंगड़ा के गुर भी सीखते हैं। जिम ट्रेनर कपिल ठाकुर बताते हैं कि यह इंटरटेनमेंट के साथ बॉडी को फिट भी बनाते हैं।
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भंगड़ा करने से बॉडी की फ्लैक्सीबिलिटी और स्ट्रैंथ बढ़ती है। कैलोरी भी ज्यादा बर्न होती है। साथ ही लोगों में उत्साह रहता है कि वे जब जिम जाएंगे तो उन्हें कुछ नई चीज भी सीखने को मिलेगी।

क्रॉस फिट सेशन

क्रॉसफिट वर्कआउट एक हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग का हिस्सा है, जिसमें जल्दी और तेज गति से कई एक्सरसाइज करनी होती है। इस तरह मसल्स पर अधिक दबाव पड़ता है और ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। यह 20 से आधे घंटे का सेशन होता है। यह एक्सरसाइज जिम ट्रेनर की देखरेख में करनी होती है। जिम ट्रेनर ही बताएगा कि वजन उठाकर कितनी देर तक एक्सरसाइज करनी है। इससे पूरी बॉडी पर असर पड़ता है। क्रॉसफिट वर्कआउट करने के काफी देर तक शरीर कैलोरी को बर्न करता रहता है।

आइसोलेशन मशीन
जिम में अब आइसोलेशन मशीन आ चुकी हैं, जो सिर्फ उस प्वाइंट पर प्रेशर डालती हैं, जिसकी स्ट्रैंथ बढ़ाई जानी चाहिए। इससे लोगों को जल्दी फायदा पहुंचता है। कई जगह तो विशेष तरह की ड्रेस आ चुकी है, जिसको पहनने के बाद कार्डियो एक्सरसाइज कराई जाती है। इससे कैलोरी ज्यादा बर्न होती है। अभी यह प्रयोग शहर के दो से तीन जिम पर किया जा रहा है।
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कैसा होना चाहिए ट्रेनर

- जो अपने ग्राहक को एक्सरसाइज के बारे में विस्तार से बताए
- अनुभवी हो और सर्टिफाइड होना चाहिए
- खुद भी फिट हो और डाइट के बारे में बताता हो

जिम अब काफी एडवांस हो चुके हैं। लोग बाडी बनाने के बजाए अब फिटनेस पर ज्यादा जोर देते हैं। हर किसी को डाइट चार्ट दिया जाता है। डाइट और ट्रेनिंग से ही बॉडी अच्छी बनती है।
- नरिंदर, फाउंडर, ह्यूमन फिटनेस जिम

अब जिम का मतलब सिर्फ डोले बनाना नहीं रह गया है। जिम में कई सारी नई एक्टिविटीज जुड़ गई है। युवाओं के अलावा अब बड़ी उम्र की महिलाएं व पुरुष भी आ रहे हैं।
- कपिल ठाकुर, जिम ट्रेनर सेक्टर 9
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