गुरुग्राम में जज के पद पर तैनात रहे हिसार निवासी कृष्णकांत की पत्नी ऋतु और बेटे ध्रुव की 13 अक्तूबर 2018 में हत्या करने वाले जज के गनमैन महिपाल को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है, लेकिन जज के पिता वरिष्ठ अधिवक्ता देवराज भगत और उनकी माता सरोज इस फैसले को समझने और उस पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं। उनका इलाज प्रीति नगर स्थित उनके घर पर ही डॉक्टर की देखरेख में चल रहा है।
जज के माता-पिता का इलाज करने वाले डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जज के पिता को करीब दो साल पहले ब्रेन हैमरेज हुआ था और तब से उनका इलाज चल रहा है। उन्हें उस दर्दनाक घटना की याद दिलाएं तो उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, जिससे उन्हें फिलहाल कुछ नहीं बताया गया है।
यदि उनके सामने घटना का जिक्र करते हैं या दोषी या उसकी सजा के बारे में बात करें तो वह भावुक हो उठते हैं, जिससे उनके दिमाग पर असर पड़ सकता है, इसलिए उन्हें फिलहाल नहीं बताया गया है। डॉ. कुमार ने बताया कि उनकी माता सरोज भी पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही अदालती कार्रवाई संबंधी खबरों को लेकर सदमे में हैं और भावुक हो जाती हैं, जिस कारण उनके स्वास्थ्य में पिछले 2-3 दिन से गिरावट है।
वर्ष 2018 में गुरुग्राम में तैनात थे जज कृष्णकांत
जज कृष्णकांत वर्ष 2018 में गुरुग्राम में तैनात थे। उनकी पत्नी ऋतु और बेटा ध्रुव 13 अक्तूबर को गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित ऑर्किडिया मार्केट गए तो मूलरूप से महेंद्रगढ़ निवासी गनमैन महिपाल उनके साथ गया था। उसी दौरान उसने ऋतु और ध्रुव पर फायर कर उनकी हत्या कर दी थी। ध्रुव ने 10 दिन बाद अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।