अब किसी भी गुरुद्वारा साहिब में केक नहीं काटा जाएगा। साथ ही सिरोपा भेंट करने को लेकर भी एक अहम फैसला लिया गया। फैसले के मुताबिक, नगर कीर्तन में पंच प्यारों के अलावा जगह-जगह स्वागत के लिए बने स्टालों के एक-एक प्रमुख प्रबंधक को ही सिरोपा डाला जाएगा। नगर कीर्तन में शामिल होने वाले राजनेता या बड़े अधिकारी या सामाजिक कार्यकर्ताओं को अब सिरोपा नहीं प्रदान किया जाएगा।
यह फैसला वीरवार को सेक्टर 22 स्थित गुरुद्वारा साहिब में चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के चेयरमैन तारा सिंह ने की। बैठक में पास हुए प्रस्तावों की जानकारी देते हुए संगठन के महासचिव रघबीर सिंह रामपुर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में अब केक काटने की मनाही हो गई है। नगर कीर्तन में पंच प्यारों के अलावा किसी को भी सिरोपा नहीं दिया जाएगा।
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर कई गुरुद्वारों में केक काटे गए थे। यह गुरु की मर्यादा के खिलाफ है। सभी गुरुद्वारा साहिब में इसकी जानकारी दे दी गई और उन्होंने आगे से केक काटने से मना भी कर दिया है। बैठक में चंडीगढ़ अमरजीत सिंह सहगल, गुरजोत सिंह साहनी, तेजवंत सिंह गिल, साधु सिंह, करम सिंह नफरा, प्रीतपाल सिंह सहित 40 गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधक शामिल हुए।