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पाकिस्तान पंजाब के झेलम जिले में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चोआ साहिब का जीर्णोद्धार का काम शुरू

Mon, 14 Sep 2020 01:02 PM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमृतसर

सार

  • ऐतिहासिक गुरुद्वारे को एक वर्ष बाद संगत के लिए खोल दिया जाएगा
  • इंग्लैंड के एक सामाजिक संस्था करवा रही है जीर्णोद्धार का काम

 
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चोआ साहिब गुरुद्वारा - फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पाकिस्तान पंजाब के झेलम जिले के सबसे प्राचीन ऐतिहासिक गुरुद्वारा चोआ साहिब का जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया है। इस गुरुद्वारा साहिब के जीर्णोद्धार का काम एक वर्ष के भीतर पूरा कर इसे संगत के लिए खोल दिया जाएगा। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार अमीर सिंह के अनुसार गुरुद्वारा साहिब के जीर्णोद्धार का काम इंग्लैंड के एक सामाजिक संगठन द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है।
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एवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 26 अगस्त, 2019 को आयोजित एक बैठक में इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के नवीनीकरण की मंजूरी दी थी। गुरुद्वारा चोआ साहिब रोहतास के ऐतिहासिक किले में स्थित है। इतिहास के अनुसार श्री गुरु नानक देव जी अपनी उदासियों के दौरान इस स्थान पर रुके थे। उस समय इस इलाके का पीने का पानी खारा था। इसी दौरान श्री गुरु नानक देव जी द्वारा की गई प्रार्थना के बाद कुदरती तौर पर यहां एक तालाब पानी से लबालब भर गया था।

सिखों के लिए यह तालाब बहुत ही पवित्र माना जाता है। गुरुद्वारा साहिब का वर्तमान भवन 1864 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनवाया गया था। गुरुद्वारा का मूल स्थल रोहतास किला, यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है। गुरुद्वारे का जीर्णोद्धार करवा रहे सामाजिक संगठन के मुखिया रंजीत नागर ने कहा कि जीर्णोद्धार के दौरान गुरुद्वारा साहिब के प्राचीन भवन की वास्तुकला में कोई भी बदलाव नहीं किया जा रहा है। पुराने भवन और गुरुद्वारा साहिब के डिजाइन और इसकी पुरानी शैली को ही बहाल किया जा रहा है और मरम्मत के काम में चूने का उपयोग किया जाएगा।
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सिख और मुगल शैली में बने गुरुद्वारा भवन के कुछ हिस्सों की मरम्मत की जाएगी। जीर्णोद्धार से पहले गुरुद्वारा साहिब की पूरी इमारत को धोया गया है। गुंबद को भी साफ किया गया है। गुरुद्वारा चोआ साहिब बहुत पुराना है। सिखों ने बार-बार मांग की है कि यह स्थान दर्शन दीदार के लिए खोला जाए। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार अमीर सिंह ने कहा कि यह प्रक्रिया एक साल में पूरी हो जाएगी, जिसके बाद दुनिया भर के सिख तीर्थयात्री यहां अरदास कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा चोआ साहिब के साथ-साथ गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर, गुरुद्वारा जनम अस्थान ननकाना साहिब और कई अन्य गुरुद्वारों का भी जीर्णोद्धार और सजावट का काम चल रहा है।
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