चंडीगढ़। कोरोना महामारी ने हमें बता दिया है कि पेड़ों को काटकर हमने जो विकास किया है, व्यर्थ है। आज हर दूसरा व्यक्ति ऑक्सीजन के अभाव में मर रहा है। इसलिए अभी समय है आने वाली पीढ़ी को इस समस्या से बचाने के लिए एक पौधा जरूर लगाएं। ताकि हमारे बच्चे तो स्वच्छ हवा में सांस ले सकें।
गुरुद्वारा संतसर साहिब सेक्टर 38 वेस्ट निवासी गुरप्रीत सिंह लोगों को पौधे बांट रहे हैं। गुरप्रीत का कहना है कि संगतों से मिली राशि को समाज के लिए खर्च करने से बेहतर कोई रास्ता हो ही नहीं सकता। जिन लोगों के पास रुपये हैं वह तो किसी तरह ऑक्सीजन खरीद भी ले रहे हैं, लेकिन गरीबों के लिए तो वह भी उपलब्ध नहीं है। गुरप्रीत सिंह सुबह अपनी गाड़ी लेकर निकलते हैं और किसी भी नर्सरी पर जाकर अपनी इस समाज सेवा के बारे में बताते हैं। इसके बाद नर्सरी से जो भी रियायत मिलती है, उसके बाद पौधे खरीदकर बांटने निकल जाते हैं। एक चौराहा चुनकर दिनभर वहां से निकलने वाले लोगों को पौधे बांटकर आने वाली पीढ़ी के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की अपील करते हैं।
गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह पीपल, जामुन, गुलमोहर के पौधे सबसे ज्यादा वितरित करते हैं। एक गाड़ी में लगभग 150 पौधे आते हैं। एक माह से वह नियमित तौर पर यह कार्य कर रहे हैं। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि दिल्ली में आज सांसों का संकट इसलिए है कि वहां विकास के चक्कर में प्रकृति को भूल ही गए। चंडीगढ़ अभी इस दिशा में बढ़ रहा है। आज हमने प्रकृति के महत्व को नहीं समझा तो इसके भयावह परिणाम होंगे। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि हमारे सेवा कार्य को देखकर अब देश और विदेशों से संगत आकर दान दे रही है। जो समाज सेवा पर खर्च हो रही है।