सऊदी अरब की सफर जेल में बंद कमल मंजिदर सिंह उर्फ प्रिंस जेल से रिहा होकर वापस अपने वतन पहुंच गया है। प्रिंस शनिवार को ही सफर की जेल से रिहा होकर देर शाम दिल्ली पहुंचा। रविवार को वह गुरदासपुर पहुंचा। घर पहुंचे प्रिंस ने बताया कि सितंबर 2017 में वह एक ट्रेवल एजेंट को 2 लाख रुपये देकर सऊदी अरब गया था। एजेंट ने कहा था कि वह उसे वहां ट्राला चालक का काम दिलाएगा। लेकिन वहां पहुंचने के बाद अब्बुतालिब कंपनी के मालिक ने उसे ट्राला चलाने का काम नहीं दिया।
7 महीने में सिर्फ 4 बार ड्राइविंग स्कूल ले गया, जिसके बाद उसका लाइसेंस बनकर आया तो कंपनी मालिक ने लाइसेंस छीन लिया। जब प्रिंस ने कंपनी के मालिक से 7 महीने का वेतन मांगा तो चोरी का इल्जाम लगाकर उसे जेल में बंद करा दिया। जेल में उसके साथ लुधियाना के गांव डल्ला निवासी हरदीप सिंह, मथुरा निवासी नसीम, इलाहाबाद निवासी विवेक भारती भी थे। प्रिंस ने बताया कि उन्होंने किसी तरह आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान का नंबर लेकर उनसे इस संबंध में बात की।
जिस पर मान ने कहा कि आप एक वीडियो बनाकर भेजें। हमने किसी तरह पुलिस से बच कर मोबाइल पर वीडियो बनाई और उसे भगवंत मान को भेजा। इसके बाद उन्होंने वो वीडियो वायरल की और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस संबंध में बात की। मीडिया में खबर आने के बाद भगवंत मान और सुषमा स्वराज के प्रयासों से पुलिस ने उसे व नसीम को रिहा कर दिया। लेकिन एयरपोर्ट पर आने पर नसीम के फिंगर प्रिंट मैच नहीं हुए, जिस कारण उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।