गुरदासपुर से रंधावा ने बड़ी लीड से जीत हासिल की। जीत की सूचना मिलने पर कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। ढोल नगाड़ों और फूलों के हार से विजेता रहे रंधावा का स्वागत किया गया।
जीत के बाद रंधावा ने कहा कि उनकी जीत में कार्यकर्ताओं, सेंटर लीडरशिप और स्थानीय नेताओं का बहुत बड़ा योगदान है। गुरदासपुर के लोगों ने उन्हें जो सम्मान दिया है, उसे वह जीवन भर नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि वह लोगों की समस्याओं को संसद में उठाएंगे और उनका हल करवाने का प्रयास करेंगे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पंजाब में लोग अमन और शांति से रहना पसंद करते है। एजेंसियों को चाहिए कि पंजाब की अमन-शांति को भंग होने से बचाने के लिए ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। कानून व्यवस्था को मेंटेन करना होगा। लोगों को मजाक करने वाली नहीं, बल्कि काम करने वाली सरकार चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा देश विरोधी फैसले लिए जाने के चलते लोगों ने उनके विरोध में मतदान किया। उन्होंने अकाली दल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अकाली दल अपना वजूद गंवा चुका है। अकाली दल को खत्म करने का श्रेय बिक्रम मजीठिया को जाता है। अंग्रेजों के समय बादल परिवार ने जो सिखों के साथ किया था, उसने आज बता दिया कि वह पंथ और पंजाब विरोधी है।