सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे गुरबख्श सिंह खालसा 75 फीट ऊंची टंकी से कूद गए और उनकी जान चली गई। मंगलवार को करीब 75 फीट ऊंची पानी की टंकी से कूद गए। उन्हें गंभीर हालत में एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात करीब नौ बजे उनकी मौत हो गई। इससे पहले, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी छह घंटे तक गांव ठसका अली वासी गुरबख्श सिंह को पानी की टंकी से नीचे उतारने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाब नहीं हुए।
इस्माईलाबाद थाने के प्रभारी दिनेश चौहान ने बताया कि शव का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रात में कुछ लोगों ने सिविल अस्पताल के बाहर कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम लगा दिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस लोगों को मनाने का प्रयास कर रही थी। जेलों में बंद सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई के लिए संघर्ष करने वाले गुरबख्श सिंह दोपहर करीब एक बजे पानी की टंकी पर चढ़कर आमरण अनशन शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर पिहोवा डीएसपी धीरज कुमार, इस्माईलाबाद थाना प्रभारी दिनेश चौहान, झांसा थाना प्रभारी दलीप कुमार मौके पर पहुंचे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मंगवाई गई। पुलिस अधिकारी गुरबख्श से टंकी से उतरने के लिए अपील करते रहे, लेकिन वे मांग पर अड़े रहे। बताते हैं कि अधिकारियों ने टंकी पर चढ़ने के लिए टंकी के प्रवेश द्वार पर लगे ताले को तोड़ने का प्रयास किया तो गुरबख्श ने टंकी से पेट्रोल की दो बोतल और एक कैप्सूल दिखाकर चेतावनी दी कि उनके पास सायनाइड है।
यदि उनके साथ जबरदस्ती की कोशिश की गई तो वे कैप्सूल खा लेंगे। साथ ही उन्होंने अपने पास रखी पेट्रोल की दो बोतल दिखाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी टंकी पर चढ़ने के बजाय नीचे से गुरबख्श को मानाने का प्रयास करते रहे। देर शाम करीब सात बजे गुरबख्श सिंह ने टंकी से छलांग लगा दी। उनका सिर दीवार से टकरा गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। नीचे गिरते ही वह बेहोश हो गए। पुलिस ने उन्हें तत्काल एलएनजेपी सिविल अस्पताल पहुंचाया।