सिटी ब्यूटीफुल में छह और सात दिसंबर को बस फूलों की बात होगी। गुलदाऊदी शो है तो तन-मन महक उठेगा। जनाब मखदूम मोहिउद्दीन के लफ्ज भी ताजा हो उठेंगे कि ‘फिर छिड़ी बात आज फूलों की...’। सेक्टर-33 के टैरेस गार्डन में होने वाले शो के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस साल शो में गुलदाऊदी की ढाई सौ से ज्यादा किस्में प्रदर्शित की जाएंगी। नगर निगम ने इसके लिए 12 हजार से ज्यादा पौधे तैयार किए थे। निगम के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने बताया कि शो में फूलों की कई नई किस्में भी दिखाई जाएंगी। प्रिंस ऑफ द शो और बेस्ट फ्लावर ऑफ द शो जैसी प्रतियोगिताएं भी होंगी।
इस बार दो दिन का शो
हर साल गुलदाऊदी शो तीन दिन के लिए होता है। इस साल निगम ने इसे दो ही दिन शनिवार और रविवार को आयोजित करने का फैसला लिया है। चीफ इंजीनियर ने बताया कि शुक्रवार को शो में ज्यादा भीड़ नहीं जुटती, इसलिए शनिवार से शो शुरू होगा। लोगों का रूझान देखते हुए शो सोमवार तक बढ़ाया भी जा सकता है।
सालभर की मेहनत
गुलदाऊदी के फूलों की खूबसूरती महज दो महीने कायम रहती है। इसके बाद ये फूल मुरझा जाते हैं। इन दो महीनों की खूबसूरती के लिए सालभर मेहनत करनी होती है। गुलदाऊदी के लिए मदर प्लांट लगाने का काम फरवरी में ही शुरू हो जाता है। जून तक प्लांट्स में से जड़ें निकलती हैं। अगस्त तक इन्हें रोपा जाता है। देखभाल के बाद दिसंबर में फूल खिलने शुरू होते हैं।