पूरे साल की मेहनत के बाद एक गुलदाऊदी का एक गमला तैयार होता है। गमले में लगे गुलदाऊदी के एक-एक पौधे के लिए कर्मचारी जीन जान लगा देते हैं। इसके बाद कहीं वह प्रतियोगिता के लायक तैयार होता है।
यह कहना है चंडीगढ़ नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विंग के एक्सईएन कृष्ण पाल सिंह का। बता दें कि सेक्टर-33 के टैरेस्ड गार्डन में वीरवार से तीन दिवसीय गुलदाऊदी शो शुरू हो रहा है।
नगर निगम की ओर से आयोजित किए जा रहे गुलदाऊदी शो के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है। इसमें निगम के आठ सौ गमलों की 17 लेयर की सर्किल बनाई गई है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
इसके अलावा शो में छह हजार गमले डिस्प्ले किए जा रहे हैं। नगर निगम के 27वें गुलदाऊदी शो में इसमें ढाई सौ से अधिक गुलदाऊदी की किस्में दिखाई देंगी।
इस बार लोगों के लिए शो में ब्लैक पॉट और व्हाइट आउट वेराइटी नहीं होंगी। शो का समापन नगर निगम के मेयर सुभाष चावला करेंगे।
समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा कई प्रकार की प्रतियोगिताएं होंगी।
शो के बाद बनेंगे मदर प्लांट
गुलदाऊदी शो के बाद गमलों में लगे पौधों से मदर प्लांट बनाए जाएंगे। शो में रखे गमलों की हर वेराइटी की 20 गमले रखे जाएंगे। इससे अलग साल की वेराइटी बरकरार रहेगी।
इसकी टहनियां 15 से 20 जून तक टहनियां काटकर उसमें बेराडेक्स दवा लगाकर जमीन में रेत में लगाएंगे। दवा के कारण इनमें जड़ें जल्द आती है। 18 से 25 दिनों में रूट निगल आएंगी।
इसके बाद उसे गमले में ट्रांसफर करेंगे। क्यारियों का नाम भी वेराइटियों के नाम पर होगा, ताकि वेराइटी एक दूसरे में मिले नहीं।
अब तक 641 एंट्री फार्म
सेक्टर-33 के टैरेस्ड गार्डन में डिस्प्ले के लिए बुधवार शाम तक 641 एंट्री फार्म लोगों ने लिए। वीरवार सुबह 10 बजे तक एंट्री फार्म लेकर और भरकर जमा कर सकते हैं। दो बजे के बाद प्रतियोगिता के जज निर्णय करेंगे।