फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुड़िया मर्डर केस: हाईकोर्ट की खारिज की जहूर जैदी की अंतरित जमानत याचिका, की विशेष टिप्पणी

Fri, 08 May 2020 10:13 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
सिर्फ इस डर से किसी भी आरोपी को अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती है कि उसे जेल में कोरोना का संक्रमण हो सकता है। इस टिप्पणी के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले में हिमाचल प्रदेश के पूर्व आईजी की अंतरिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई में एक छात्रा के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले से जुड़े सूरज नामक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में हुई हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन


इस मामले में वहां के पूर्व आईजी जहुर हैदर जैदी आरोपी हैं और उसने अंतरिम की मांग संबंधी याचिका दायर की थी। जैदी ने अपनी याचिका में कहा था कि एक तो वह पहले ही हाईपर टेंशन और डिसलिपिडेमिया का मरीज है और उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। उसे डर है की वह जेल में कोरोनावायरस (कोविड-19) से संक्रमित हो सकता है। ऐसे में उसके स्वास्थ्य को देखते हुए 60 दिनों की अंतरिम जमानत दी जाए।

जैदी ने पहले चंडीगढ़ की सीबीआई स्पेशल कोर्ट से अंतरिम जमानत देने की मांग की थी  जिसे अदालत ने गत शुक्रवार को ख़ारिज कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने भी जैदी की अंतरिम जमानत की मांग को ख़ारिज कर दिया है। जैदी ने पहले ही अपनी नियमित जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। अब हाईकोर्ट उस पर 21 मई को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन


पुलिस टार्चर से हुई थी सूरज की मौत
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2017 को कोटखाई के एक स्कूली छात्र के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के एक आरोपी स्थानीय युवक सूरज की कोटखाई थाने में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। मामले में सीबीआई ने आईजी जहुर हैदर जैदी सहित कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस केस की अब चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें