चंडीगढ़ की नाइट लाइफ का अहम हिस्सा रेस्तरां और क्लबों पर भी जीएसटी लागू होने से फूड मैन्यू के रेट पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन ड्रिंक लवर्स को जरूर फायदा होगा। लिकर और बीयर को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इसलिए अब से शहर के रेस्तरां में बीयर और लिकर पहले से कम दाम पर मिलना तय है।
जीएसटी के तहत एसी और नॉन एसी रेस्तरां में अलग-अलग जीएसटी लगाया गया है। नॉन एसी रेस्तरां में 12 फीसदी टैक्स देना होगा। वहीं एसी रेस्तरां में 18 फीसदी टैक्स लगेगा। इससे पहले नॉन एसी रेस्तरां में वैट समेत अन्य टैक्स लगाकर कस्टमर्स को 12.5 फीसदी टैक्स देना पड़ता था।
वहीं अब 12 फीसदी देना होगा। इसी तरह एसी रेस्तरां में पहले फूड पर 18.9 और लिकर पर 5 फीसदी टैक्स देना पड़ता था। वहीं अब कस्टमर्स को सिर्फ फूड पर 18 फीसदी टैक्स देना होगा। लिकर को जीएसटी से बाहर रखा गया है।
नॉन एसी रेस्त्रां में 12 और एसी में 18 फीसदी देना होगा जीएसटी
gst
फूड मैन्यू के प्राइज में कोई अंतर नहीं है। पहले के मुकाबले अब केवल .90 फीसदी टैक्स कम है। इससे खाने के रेट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अमन सोबती, मालिक
केलांग रेस्त्रां, एलांते मॉल
कस्टमर्स को पहले के मुकाबले .5 फीसदी कम टैक्स देना पड़ रहा है। पहले कस्टमर्स को कुल मिलाकर 12.50 फीसदी टैक्स देना पड़ता था। अब 12 फीसदी टैक्स देना होगा। इससे प्राइज लिस्ट पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। बाद में अथॉरिटी से कोई आदेश आने पर देखा जाएगा।
- रमेश दत्त, मैनेजर
इंडियन कैफे हाउस, सेक्टर-17
रेस्तरां इंडस्ट्री पर जीएसटी पर अगर कहीं कोई असर पड़ेगा तो वह केवल लिकर और बीयर पर। फूड प्राइज पर इसका कोई खास असर नहीं है। पहले 18.90 फीसदी तक टैक्स था और अब यह 18 है। इससे रेस्त्रां में खाना खाने वाले लोगों के बिल पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। बीयर और लिकर के रेट रेस्त्रां में कम होने से कस्टमर्स को जरूर फायदा होगा।
- विजय कुमार, मैनेजर
होपिंग रेस्त्रां, एलांते मॉल