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लॉकडाउन के बाद से पटरी पर नहीं लौटी चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था, फरवरी में 14 फीसदी घटा जीएसटी संग्रह

Tue, 02 Mar 2021 01:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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जीएसटी
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लॉकडाउन के बाद से अब तक चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। पिछले साल के मुकाबले फरवरी में सकल (ग्रॉस) जीएसटी संग्रह में 14 फीसदी की कमी आई है। फरवरी महीने में जीएसटी संग्रह का घटना चिंता का विषय है, क्योंकि प्रशासन ने अब कोरोना की सभी सख्तियों को खत्म कर दिया है।

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माल और सेवा कर (जीएसटी), एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने को भरने में अहम भूमिका अदा करते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बड़ा असर भी इन्हीं पर पड़ा। सिर्फ जीएसटी के संग्रह में पिछले साल के मुकाबले इस बार फरवरी में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। फरवरी 2020 में जीएसटी का संग्रह 172.37 करोड़ रुपये था जबकि इस बार 148.5 करोड़ रुपये रहा है। 


हालांकि पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा ने जीएसटी संग्रह में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की है। पंजाब ने फरवरी 2020 में 1228.94 करोड़ रुपये वसूले थे, जबकि इस साल 1299.37 करोड़ रुपये एकत्रित किए हैं। यह पिछले साल से छह प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, हरियाणा ने फरवरी 2020 में 5266.43 करोड़ रुपये वसूले थे, जबकि इस साल 5589.81 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। यह आंकड़ा भी पिछले साल से छह प्रतिशत ज्यादा है। गौरतलब है कि जीएसटी पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। 

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लॉकडाउन के बाद से घटा जीएसटी संग्रह
कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से अब तक शहर में जीएसटी संग्रह घटा है। अन्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इस घाटे से उबर गए हैं, लेकिन चंडीगढ़ अभी तक उबर नहीं पाया है। यूटी प्रशासन की तरफ से संग्रह बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन वह सभी नाकाफी ही रहे हैं। प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद थी कि वर्ष 2021 में जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होगी लेकिन यह उल्टी राह पर चल पड़ा है। बीते महीनों में जो घाटा 6 फीसदी का था, वह अब 14 फीसदी तक पहुंच गया है।

चंडीगढ़ में किस माह कितना जीएसटी संग्रह
  • अगस्त          139 करोड़
  • सितंबर         141 करोड़
  • अक्तूबर        152 करोड़
  • नवंबर           141 करोड़
  • दिसंबर        158 करोड़
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