चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। लॉकडाउन के बाद पहली बार चंडीगढ़ के जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल मार्च महीने के मुकाबले मार्च 2021 में सकल (ग्रॉस) जीएसटी संग्रह में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
माल और सेवा कर (जीएसटी), एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बड़ा असर भी इन्हीं पर पड़ा। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से लगातार एक साल तक शहर में जीएसटी संग्रह घटा।
यूटी प्रशासन की तरफ से संग्रह बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन वह सभी नाकाफी ही रहे हैं। अन्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इस घाटे से उबर गए, लेकिन चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था को उबरने में एक साल का समय लग गया। जीएसटी संग्रह के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2020 में यूटी प्रशासन ने 153.26 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे, लेकिन मार्च 2021 में 165.27 करोड़ रुपये एकत्रित किए गए हैं। ये आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
हालांकि, पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा ने संग्रह में चंडीगढ़ से दोगुनी वृद्धि की है। पंजाब ने मार्च 2020 में 1180.81 करोड़ वसूले थे, जबकि मार्च 2021 में 1361.85 करोड़ एकत्रित किए हैं। यह पिछले साल से 15 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, हरियाणा ने मार्च 2020 में 4874.29 करोड़ वसूले थे, जबकि इस साल 5709.60 करोड़ एकत्र किए हैं। यह आंकड़ा भी पिछले साल से 17 प्रतिशत ज्यादा है। गौरतलब है कि जीएसटी पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है।