पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में राजजीत सिंह की जगह तैनात किए गए मोगा के विवादित एसएसपी कमलजीत सिंह ढिल्लों के खिलाफ लंबित जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शनिवार को उनके तबादले का आदेश जारी कर दिया। उनकी जगह जीएस तूर को एसएसपी तैनात किया गया है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ढिल्लों को मोगा से बदलकर एआईजी (अपराध) लगा दिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने ढिल्लों को जिला पुलिस प्रमुख के तौर पर हटाने का फैसला इसलिए लिया, क्योंकि उनके खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित है। मुख्यमंत्री ने डीजीपी सुरेश अरोड़ा और गृह विभाग को इन जांचों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा है। ढिल्लों को राज जीत सिंह की जगह पर मोगा का एसएसपी लगाया गया था।
ढिल्लों के खिलाफ सितंबर 2013 में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में पैसे लेने के आरोप लगा था । उन पर अपने मातहत आरोपियों की मदद के लिए 40 लाख रुपये लेने का आरोप है। जून 2017 में तत्कालीन आईजीपी बठिंडा एमएस छीना की सिफारिश पर ढिल्लों के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था। जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके निष्कर्ष डीजीपी के समक्ष लंबित हैं। जमालपुर क्षेत्र के कारोबारी जगजीत सिंह ने उन पर 72 लाख रुपये का धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था।
वहीं, मोगा में तैनात किए गए नए एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर को राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस प्रमुख के तौर पर कार्य करने का लंबा तजुर्बा है। साल 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी तूर इस समय लुधियाना के एआईजी (काउंटर इंटेलिजेंस) हैं। नशे से पीड़ित लोगों के साथ अपने तजुर्बों पर आधारित किताब लिखने वाले तूर को नशों की समस्या और कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त स्वभाव के कारण जाना जाता है। उन्होंने इस बीमारी के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के प्रति अपनी वचनबद्धता भी जाहिर की है।