चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों में तैनात ग्रुप-डी कर्मचारियों को दो महीने का वेतन नहीं मिला है। इस वजह से लॉकडाउन के इस संकट में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। उधर, शिक्षा विभाग के निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कांट्रेक्ट के रिन्यू होने में देरी के चलते तनख्वाह नहीं मिल पाई। जल्द ही सभी को सैलरी दे दी जाएगी। किसी भी पुराने कर्मचारी को निकाला नहीं गया है।
कर्मचारियों ने बताया लॉकडाउन में जब स्कूल की छुट्टियां थी तब भी माली, गार्ड, सफाई कर्मचारी ड्यूटी दे रहे थे। जीएमएचएस-49 में कार्यरत ग्रुप डी कर्मचारी ने बताया कि दो महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। पहले ही तनख्वाह कम है, महीने में सिर्फ घर खर्च मुश्किल से निकल पाता है। सैलरी नहीं मिलने वालों को राशन के पैकेट बांटे जा रहे हैं। लेकिन न राशन मिला और न ही वेतन। अब घर में खाने की भी समस्या आ गई है। हालत यह है कि स्कूल में भूखे पेट 12 घंटे गर्मी में ड्यूटी देनी पड़ रही है। यूटी कैडर एजुकेशन एम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि ग्रुप-डी की सैलरी पहले ही कम है। ऐसे में कॉन्ट्रेक्ट के रिन्यूअल का काम जल्दी करवाना चाहिए। अगर लॉकडाउन के कारण कागजी कार्रवाई में देरी हुई भी तो शिक्षा विभाग को थोड़े समय के लिए इन कर्मचारियों के कुछ प्रबंध करना चाहिए, जिससे इन्हें खाने-पीने की समस्या नहीं आए।
कोट...
लॉकडाउन के कारण कॉन्ट्रैक्ट के रिन्यू होने में देरी हुई। वीरवार को ही उनकी ओर से सभी कर्मचारियों का वेतन अप्रूव किया गया है। एक हफ्ते तक सभी कर्मियों को उनकी सैलरी मिल जाएगी।
पूजा, कंपनी की कांट्रेक्टर