विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह लंबे वनवास के बाद फिर कांग्रेस में वापस लौट आए हैं।
शुक्रवार को एआईसीसी ने इसका औपचारिक ऐलान किया। बीर दविंदर ने इसे घर वापसी बताया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में जिन लोगों के साथ भी उनके मनमुटाव थे, वह दूर हो गए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, रजिंदर कौर भट्ठल आदि नेताओं की मर्जी से ही वह वापस आए हैं।
वह पहले भी अक्रामक चुनाव प्रचार करते रहे हैं, प्रवक्ता भी रहे हैं। पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, निभाएंगे। वह सारे उम्मीदवारों केपक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। बीर दविंदर ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों से देश की सेकुलर क्वालिटी को खतरा पैदा हो गया है। सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए कांग्रेस को मजबूत करना जरूरी है।
गौरतलब है कि बीर दविंदर 2002 में खरड़ से जीत कर विधानसभा पहुंचे। प्रवक्ता और डिप्टी स्पीकर बने। खरड़ का सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल उनकी देेन है।
बाद में उनकी तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह केसाथ अनबन हो गई। 2007 में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। गठबंधन की सरकार आने के बाद बीर दविंदर अकाली दल में चले गए।
पर वहां भी उनकी विचारधारा नहीं मिली। 2012 विधानसभा से पहले वह मनप्रीत बादल का दामन थाम कर पीपीपी में चले गए। मोहाली हलके से पीपीपी के टिकट पर चुनाव भी लड़े और तीसरे स्थान पर रहे।