चंडीगढ़ प्रशासन अपने ही करीब 650 क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इन युवकों ने ग्रेजुएशन के साथ कंप्यूटर कोर्स के आधार पर नौकरी पाई। नियमों के अनुसार इन्हें कम से कम 2400 ग्रेड पे मिलना चाहिए लेकिन प्रशासन 1900 जीपी दे रहा है, जो सफाई कर्मी को दी जाती है। इससे कर्मी मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं।
28 सितंबर 2019 को क्लर्क के 356 और स्टेनो टाइपिस्ट के 48 ग्रुप-सी (कॉमन कैडर) की भर्ती के लिए नोटिस निकाला। दिसंबर 2019 में परीक्षा हुई और फरवरी 2020 में नतीजे जारी किए गए। मार्च महीने में अलग-अलग सेट में टाइपिंग टेस्ट शुरू हुए लेकिन इस बीच कोविड-19 आ गया। सब कुछ स्थगित हो गया।
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रुकी हुई प्रक्रिया दोबारा दिसंबर 2020 में शुरू हुई। इससे पहले की आखिरी नतीजे आते पंजाब सरकार ने जुलाई 2020 में नया पे स्केल लागू कर दिया, जिसे चंडीगढ़ प्रशासन ने कॉरिजेंडम जारी कर जनवरी 2021 में अपना लिया। इसकी वजह से क्लर्क का ग्रेड पे 1900 और स्टेनो टाइपिस्ट का ग्रेड पे 2000 कर दिया गया। चयनित सभी युवाओं को जून 2021 में नियुक्ति पत्र दिए गए। युवकों ने खुद को ठगा हुआ पाया, क्योंकि भर्ती की अधिसूचना के अनुसार उन्हें करीब 50 हजार रुपये वेतन मिलना था, लेकिन जब नियुक्ति हुई तो 32 से 33 हजार रुपये ही मिले। कई युवक अपनी बड़ी नौकरियों को छोड़कर आए थे, क्योंकि वो चंडीगढ़ में रहना चाहते थे लेकिन यहां उनके साथ धोखा हो गया। कई कर्मियों ने सितंबर 2021 में प्रशासक को ज्ञापन दिया। कई अन्य अधिकारियों से भी मिले लेकिन आज भी ये कर्मी अपने भविष्य की चिंता में डूबे हुए हैं।
12वीं के आधार पर हुई भर्ती में मिलता है 1900 जीपी, ये भर्ती ग्रेजुएशन पर हुई
कर्मचारियों का कहना है कि यूटी प्रशासन की तरफ से उन्हें जो 1900 ग्रेड पे दिया जा रहा है, यह उन कर्मियों को मिलता है जिनकी भर्ती 12वीं के आधार पर हुई है। लेकिन उन सभी की भर्ती ग्रेजुएशन के साथ कंप्यूटर कोर्स के आधार पर हुई है। ऐसे में उन्हें 12वीं का ग्रेड पे कैसे दिया जा सकता है। यूटी प्रशासन ने केंद्रीय सेवा नियम अपना लिए हैं। उसके अनुसार सिर्फ ग्रेजुएशन के स्तर पर हुई भर्ती का न्यूनतम ग्रेड पे 2400 है और अगर ग्रेजुएशन के साथ कंप्यूटर कोर्स मांगा गया हो तो उसका ग्रेड पे 2800 होता है। प्रशासन ने सभी नियमों को ताक पर कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। बता दें कि 1900 ग्रेड पे गेटकीपर, जमादार, सफाई कर्मी, फिटर, कारपेंटर आदि कर्मियों को मिलता है।
सही समय पर नियुक्ति होती तो नहीं आती यह समस्या
भर्ती अक्टूबर 2019 में निकली लेकिन चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति जून 2021 में मिली। अगर सही समय पर भर्ती पूरी कर ली जाती तो यह समस्या नहीं आती। क्योंकि पंजाब सरकार में नया पे स्केल जुलाई 2020 में लागू किया था, जिसे जनवरी 2021 में अपनाया गया। कर्मियों ने कहा कि कोई भी नया नियम उन भर्तियों पर लागू नहीं होता, जिनकी नोटिफिकेशन हो चुकी है या वह रिक्रूटमेंट प्रोसेस में होते हैं लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने इसे भी नजरअंदाज किया और रिजल्ट जारी हो चुके भर्ती में ग्रेड पे को मनमाने तरीके से कम कर दिया।
कुछ महीने पहले एस्टेट ऑफिस के कर्मी ने की थी आत्महत्या
कुछ महीने पहले एस्टेट ऑफिस में जिस कर्मचारी ने आत्महत्या की थी, उन्होंने भी 3200 ग्रेड पे मिलने का सोच कर ही परीक्षा दी थी लेकिन नियुक्त 1900 जीपी पर दे दी गई, जिसकी वजह से वह काफी परेशान थे। ये भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें प्रमोशन कैसे मिलेगा। भविष्य अंधकार में नजर आ रहा था। आत्महत्या करने की वजहों में यह बड़ा कारण था। नाम न छापने की शर्त पर कई कर्मियों ने बताया कि उन्हें भले 1900 जीपी मिल रहा है लेकिन काम उनसे 4200 जीपी वाला कराया जाता है। अभी भी कई कर्मचारी बेहद मानसिक तनाव में काम कर रहे हैं।
कर्मचारियों के ग्रेड पे को तय करने के मामले में अधिकारियों ने काफी सतर्कता बरती है। इसके बाद भी अगर क्लर्क व स्टेनो कर्मियों को लगता है कि उनका ग्रेड पे कम है और नियमों के अनुसार नहीं है तो वह पर्सोनल सचिव को नया ज्ञापन सौंपें। मैं उसे देखूंगा और अगर कहीं सुधार की जरूरत होगी तो उसे किया जाएगा।
- डॉ. धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक