साल 1995 में पंजाब के तद्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के कातिल बीएस राजोआना की फांसी को लेकर केंद्र सरकार ने नरम रुख अख्तियार किया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि जीवन अनमौल है और मौत से वापसी मुमकिन नहीं है। राजोआना को 2007 में ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि राजोआना ने अपनी मौत की सजा को उम्र कैद में बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। उसने कहा था कि वह बीते 25 साल से जेल में है और 2007 से ही मौत के साये में जी रहा है।