बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि सरकार ने शराब पर कोविड सेस लगाने की मंजूरी दी है। प्रदेश में 6 मई से नया आबकारी वर्ष शुरू होगा। कंटेनमेंट जोन में शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। 6 मई 2020 से 19 मई 2021 तक नया आबकारी वर्ष चलेगा। शराब के ठेकेदारों को होने वाले नुकसान के आकलन के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई गई है। जिसमें खुद उपमुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा व खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह शामिल हैं।
ये कमेटी 2 महीने तक ठेकेदारों को होने वाले नुकसान का आकलन करेगी। हर 15 दिन में बैठक कर कैबिनेट को अपनी रिपोर्ट देगी। ठेकों के बाहर बैरिकेडिंग में पुलिसकर्मी सहयोग करेंगे। वे सामाजिक दूरी मेंटेन करवाएंगे। हरियाणा में शराब की होम डिलीवरी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सोनीपत शराब तस्करी मामले में एसआईटी बनाने का आग्रह
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सोनीपत शराब तस्करी मामले में उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज से एसआईटी बनाने का आग्रह किया है। इस मामले में अगर कोई आला अधिकारी भी सम्मिलित पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछले आबकारी वर्ष में 62 सौ करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला है, जबकि टारगेट 61सौ करोड रुपए था।
- विदेशी शराब की 375एमएल से बड़ी बोतल पर कोविड सेस 50 रुपए लगेगा, जबकि इससे कम वाली बोतल पर 25 रुपये।
- भारत में बनी अंग्रेजी शराब के क्वार्टर पर 5 रुपये, अध्धे पर 10 रुपये और बोतल पर 20 रुपये।
- रेगुलर बीयर 2 रुपये और स्ट्रांग बीयर पर 5 रुपये कोविड सेस।
- देसी शराब की बोतल 5 रुपये, आध्धा 3 और क्वार्टर 2 दो रुपये महंगा।
संशोधित आबकारी नीति से जुड़े अहम बिंदु
- कोविड-19 के प्रकोप के कारण आबकारी नीति में परिवर्तन किया गया
- शराब लाइसेंसों के संचालन पर महामारी के प्रभाव को कम करने और सरकारी राजस्व को बढ़ाना उद्देश्य
- सभी लाइसेंसधारक अपना लाइसेंस उसी लाइसेंस शुल्क पर संचालित करेंगे, जिस पर ये कोविड-19 महामारी फैलने से पहले आवंटित किए गए थे
- लाइसेंस फीस की भुगतान अनुसूची में भी संशोधन ताकि विद्यमान नकदी संकट दूर करने के लिए लाइसेंस धारकों को छूट दी जा सके
- कंटेनमेंट जोन के ठेकेदारों को लाइसेंस फीस और कोटे के लिए अनुपातिक छूट मिलेगी
- ठेके बंद होने के समय से 10 मिनट पहले किसी भी व्यक्ति को व्यावसायिक परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी
- सेल्समैन को भी फेस मास्क पहनना होगा। लाइसेंस धारक को समुचित सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करनी होगी
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार को हरियाणा मूल्य वर्धित कर (वैट) अधिनियम, 2003 के तहत निर्दिष्ट या निर्धारित या अधिसूचित समय सीमा को बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए इस अधिनियम में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। ताकि वर्ष 2016-17 के लिए किए जाने वाले आकलन या अन्य कार्यवाई, जिन्हें लॉकडाउन के कारण पूरा और शुरू नहीं किया जा सका है, को पूरा किया जा सके।
इस संशोधन के लिए एक अध्यादेश लाया जाएगा। बताते चलें कि महामारी के इस दौर में फिलहाल निकट भविष्य में हरियाणा विधानसभा सत्र की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। इसलिए सरकार वैट वृद्धि संबंधी अधिनियम में संशोधन कर इसके लिए सरकार अध्यादेश लाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई है।
हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 में संशोधन के अनुसार, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित अध्यादेश के अध्याय- सात की तर्ज पर एक नई धारा 18-ए शामिल की जाएगी। नई धारा की प्रविष्टि के साथ ही राज्य सरकार एक अधिसूचना द्वारा उन कार्यों के संबंध में हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 में निर्दिष्ट या अधिसूचित समय सीमा का विस्तार करने में सक्षम होगी, जो अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण पूरे नहीं हो सके हैं। प्रस्तावित संशोधन समय सीमा बढ़ाने के लिए अधिसूचना को पूर्वव्यापी प्रभावी बनाने में भी सक्षम होगा।