राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी पाकिस्तान से की जा रही है। पाकिस्तान सीधे मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए अवैध रूप से नशा भेजकर हमारी युवा पीढ़ी को बर्बाद करना चाहता है। पाकिस्तान की इस साजिश में हमारे कुछ अपने ही लोग साथ देकर हमारी पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। ऐसे लोग भी हमारे दुश्मन हैं। इसे रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह गंभीर हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण भारत-पाकिस्तान की सीमा पर तस्करी कम होने के बाद भी नशे की आवक बढ़ी है, इससे साफ है कि यह सप्लाई हमारे पड़ोसी राज्यों से भी हो रही है। जिसे रोकने के लिए लोगों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए। पड़ोसी राज्यों में क्या गतिविधियां चल रही हैं, इस पर एजेंसियों को पूरी नजर रखनी चाहिए।
नशा तस्करों से संबंध रखने वाले पुलिसकर्मियों खिलाफ भी होगी सख्त कार्रवाई
एक जवाब में डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 15 अगस्त 2024 तक नशा खत्म करने की घोषणा की है और हम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। नशे के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जो भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी नशे के सौदागरों से संबंध में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।