हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने चार प्रस्ताव पारित किए हैं। इन प्रस्तावों पर पहले डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा में हुई बैठक में मंथन हुआ।
इसके बाद पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से चार प्रस्ताव पास किए। माना जा रहा है कि यह बैठक में एचएसजीएमसी एक्ट पास करने पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चल रहे केस की सुनवाई नजदीक आने पर की गई।
एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने प्रेसवार्ता में बताया कि बैठक में 6 सितंबर को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय में होने वाली सुनवाई के बारे में वकील किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रामसिंह फत्तेहगढ़ ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय में हरियाणा सरकार द्वारा एचएसजीएमसी एक्ट पास किए जाने के बारे में केस डाला था।
केस इस संदर्भ में है कि अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एक्ट पास करना हरियाणा सरकार के तहत आता है या फिर केंद्र सरकार के तहत। इसकी सुनवाई 6 सितंबर को है।
इसके लिए एचएसजीएमसी अपना वकील करेगी। दूसरे प्रस्ताव के तहत बलवंत सिंह दादूवाल को गिरफ्तार किए जाने पर पंजाब सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया है।
उन्होंने कहा कि संत दादूवाल पर अवैध तौर केस बनाकर पंजाब सरकार ने साबित कर दिया कि वह पंथक सरकार नहीं, बल्कि सिख विरोधी सरकार है।
तीसरे प्रस्ताव के तहत उन्होंने देश के सभी राज्यों की सरकारों से मांग की है कि जिन सिखों की सजा पूरी हो चुकी है उन्हें जेलों से रिहा किया जाए।
चौथे प्रस्ताव के अंतर्गत एचएसजीएमसी ने मीडिया से बातचीत करने का अधिकार तीन पदाधिकारियों को दिया गया है। इन पदाधिकारियों में स्वयं झींडा, दीदार सिंह नलवी और महासचिव जोगा सिंह शामिल हैं।
ये तीनों पदाधिकारी ही आधिकारिक बयान देंगे। झींडा ने कहा कि पिछले कुछ समय से एचएसजीएमसी के नाम पर शरारती तत्व गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे है।
ऐसे में उन्होंने बताया कि एचएसजीएमसी की ओर से नियुक्त किए पदाधिकारियों के बयान ही कमेटी के बयान माने जाएंगे।
उन्होंने पिछले दिनों गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी के बाहर पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ की गई मारपीट, सिखों की गाड़ियां तोड़ने का विरोध जताया। बैठक में जोगा सिंह, मोहनजीत, अपार सिंह, अवतार सिंह चक्कू, बलदेव सिंह बल्ली, करनैल सिंह, हरप्रीत सिंह, हरमनदीप सिंह, बलवंत सिंह फौजी, बलदेव सिंह और स्वर्ण सिंह मौजूद रहे।