पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुड़गांव में निर्माणाधीन डीएलएफ के हाउसिंग प्रोजेक्ट में जन सुविधाओं की इमारतें विकसित करने के लिए सरकार की ओर से ली गई जमीन वापस लौटाने का आदेश दिया है। हालांकि, डीएलएफ का करोड़ों का इंटरनल बिल्डिंग चार्जेज़ (आईसीबी) का दावा हाईकोर्ट ने नकार दिया है।
जनसुविधाओं की इमारतें सरकार अभी तक नहीं बना पाई है और डीएलएफ की मांग थी कि निर्माण किया जाए, अन्यथा जमीनें वापस दी जाएं।
जस्टिस सूर्यकांत की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा है कि डीएलएफ के पास इमारतें विकसित करने के लिए अभी और समय है। ऐसे में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के प्रधान सचिव वह सभी जगहें डीएलएफ को वापस करें, जिन पर सरकार अभी तक निर्माण नहीं कर पाई है।