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5 साल पहले नौकरी छोड़ी तो देने होंगे 50 लाख

Fri, 28 Feb 2014 10:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरकारी डॉक्टर, सरकार के खर्च पर पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद अब आसानी से नौकरी छोड़ कर मोटे पैकेज पर प्राइवेट सेक्टर में नहीं जा सकेंगे।
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सरकार ने पीजी के लिए बॉन्ड की शर्तें सख्त कर दी हैं। अगर पीजी के बाद डॉक्टर पांच साल से पहले नौकरी छोड़ेंगे तो उन्हें सरकार को पचास लाख रुपये देने होंगे।

पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस के मेडिकल अफसरों को सेहत विभाग पोस्ट ग्रेजुएशन करने को प्रोत्साहित करता है। जिससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छा इलाज मिल सके।
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मेडिकल अफसरों के लिए मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन में साठ फीसदी कोटा रखा गया है। तीन साल तक पीजी करने के दौरान इन्हें अपना पूरा वेतन भी सरकार से मिलता है।

इतना ही नहीं, इनकी सर्विस ब्रेक नहीं होती, पीजी के तीन साल सर्विस में जुड़ने से सीनियॉरिटी और प्रमोशन में भी कोई फर्क नहीं पड़ता। तीन साल की मेडिकल और अर्न्ड लीव भी मिलती हैं।

अगर कोई मेडिकल अफसर पीजी के बाद सुपर स्पेशलिटी के लिए जाना चाहे तो भी सरकार प्रोत्साहित करती है। हालांकि उसमें कोटा नहीं है।

पिछले कुछ वर्षों से बड़ी संख्या में सरकारी डॉक्टर पीजी करने के बाद प्राइवेट सेक्टर में चले जाते थे। इसलिए सरकार ने पिछले हफ्ते नया नोटीफिकेशन जारी किया है। जिसके तहत पांच साल से पहले नौकरी छोड़ने वाले डॉक्टरों को पचास लाख रुपये सरकार को देने होंगे।
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हेल्थ डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार पीजी के लिए इसीलिए प्रोत्साहित करती है ताकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को फायदा हो सके। पर काफी डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे थे। इसलिए शर्तें सख्त की गई हैं।
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