हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री और सिरसा से निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर सकते हैं। वे बुधवार को राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया से मिलेंगे और समर्थन वापसी का पत्र देंगे।
कांडा से जब समर्थन वापस लेने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि बुधवार को वे चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू होंगे और बड़ी खबर देंगे। अलबत्ता, उनके निकटवर्ती सूत्रों ने पुष्टि की है कि बुधवार को समर्थन वापसी की घोषणा की जाएगी।
गौरतलब है कि गोपाल कांडा ने 2009 में कांग्रेस सरकार बनवाने के लिए सात निर्दलीय विधायकों में से सबसे अंत में समर्थन दिया था। समर्थन देने के बदले उन्हें गृह राज्यमंत्री बनाया गया था। इससे पहले कांग्रेस विधायक धर्मबीर सिंह इस्तीफा दे चुके हैं और भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री के मित्र और अंबाला शहर कांग्रेस विधायक विनोद शर्मा कांग्रेस छोड़ चुके हैं मगर वे विधानसभा में कांग्रेस के विधायक हैं।
अगर कांडा समर्थन वापस लेते हैं तो हुड्डा सरकार को विनोद शर्मा समेत 52 विधायकों का समर्थन हासिल होगा जिनमें बसपा के एक मात्र विधायक डिप्टी स्पीकर अकरम खान भी शामिल हैं। इस समय विधानसभा में 90 में से 88 विधायक हैं। धर्मबीर सिंह और चरणजीत सिंह रोड़ी ने लोकसभा चुनाव के लिए विधायक पद से त्यागपत्र दे दिए थे इसलिए विधायकों के दो पद रिक्त हैं।