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कड़ा फरमानः चंडीगढ़ के उन व्यापारियों के लिए, जो सामान की खरीद पर ग्राहकों को बिल नहीं देते

Tue, 04 Feb 2020 03:47 PM IST
खुशबू गोयल अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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यह जानकारी उन व्यापारियों के लिए है, जो सामान की खरीद पर ग्राहकों को बिल नहीं देते। अब ऐसे व्यापारियों को चिन्हित करने के लिए वस्तु व सेवाकर विभाग शहर की दुकानों से गुप्त खरीदारी (मॉक पर्चेजिंग) कराएगा। एक बार पकड़े जाने पर विभाग चेतावनी देकर छोड़ देगा। इसके बाद भी यदि व्यापारी ने बिल नहीं दिया तो 25 हजार रुपये का जुर्माना होगा।
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बता दें कि चंडीगढ़ जीएसटी रिटर्न में पूरे देश में आगे है और अब राजस्व संग्रहण में अन्य राज्यों को पीछे छोड़ने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसी के तहत 21 जनवरी को राज्य अतिथि गृह में वस्तु एवं सेवाकर विभाग के सचिव अजॉय कुमार सिन्हा ने ‘अपना बिल लेना न भूलें’ मुहिम शुरू की थी। इस दौरान शहर के बड़े व्यापारी, होटल व्यवसायी और उद्योगपति भी शामिल हुए थे।

मुहिम के तहत ही विभाग बिलों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए दुकानों में स्टीकर और बैनर लगा रहा है। अब तक विभाग 5000 से अधिक दुकानों में स्टीकर लगा चुका है। जल्द ही यह संख्या 10000 तक पहुंच जाएगी। मुहिम के तहत ही अब वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने गुप्त खरीदारी कराने का निर्णय किया है।
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ग्राहक पर भी जुर्माने का प्रावधान

वस्तु एवं सेवाकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिल लेना ग्राहक की भी जिम्मेदारी है। 200 रुपये या उससे अधिक की खरीदारी पर बिल लेना आवश्यक है। यदि ग्राहक के द्वारा बिल नहीं लेने का दवाब बनाया जाता है तो विभाग उसके खिलाफ भी 20 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई कर सकता है।

10 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य
वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने नए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 प्रतिशत जीएसटी राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा हुआ है। 10 महीने में चंडीगढ़ का जीएसटी कलेक्शन 12 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है जबकि वर्ष 2019 में यह 961.10 करोड़ रुपये था।
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