लंबे अरसे से सातवें वेतनमान के अंतर्गत एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) का लाभ देने की मांग कर रहे कर्मचारियों को अब 1 अगस्त 2019 से यह लाभ मिल जाएगा। ये लाभ कर्मचारियों को तीन श्रेणियों के तहत 8 प्रतिशत, 16 प्रतिशत और 24 प्रतिशत की स्लैब के अंतर्गत मिलेगा। सीएम ने इस आशय के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
प्रदेश के करीब 3.50 लाख सरकारी कर्मचारियों को ये लाभ मिलेगा और इससे सरकार पर सलाना 1900 करोड़ का आर्थिक भार पड़ेगा। हालांकि कर्मचारी संगठन एचआरए के लाभ को 1 जनवरी 2016 (जब से सातवां वेतनमान लागू हुआ) से लागू करने की जिद पर अड़े हुए थे। सीएम ने कर्मचारियों की इस मांग को स्वीकार कर लिया है, मगर लाभ 1 अगस्त 2019 से ही मिलेगा।
हरियाणा में आज से फिर एक्सग्रेसिया लागू
सरकार ने एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने की मांग को मानते हुए अविलंब 20 जुलाई से ही एक्सग्रेसिया नीति लागू करने की घोषणा कर दी। बता दें कि वर्ष 1996 में तत्कालीन सरकार ने इस पॉलिसी को खत्म कर दिया था। मगर मनोहर सरकार ने अब इस नीति को फिर से सशर्त लागू किया गया है। अब हरियाणा में जिस कर्मचारी की उम्र 52 साल या इससे कम होगी और उसकी सर्विस कम से कम 5 साल की हो चुकी होगी, उसके निधन के बाद उनके परिजनों को ही ये लाभ ऑप्शनल मिलेगा।
इस पॉलिसी में मृतक कर्मचारी के पीड़ित परिजनों को दो ऑप्शन दिए जाएंगे। पहले ऑप्शन में परिजन यदि नौकरी का लाभ नहीं लेना चाहते तो उन्हें मृतक कर्मचारी की शेष बची सर्विस का पूरा वेतन व भत्ते एक मुश्त सरकार दे देगी।
दूसरे ऑप्शन में यदि पीड़ित परिजन कर्मचारी के निधन के बाद नौकरी चाहते है तो ब्लड रिलेशन में यानी मृतक की पत्नी, बेटी या बेटे को उसकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार ग्रुप सी या डी की नौकरी दी जाएगी। लेकिन यदि मृतक कर्मचारी की पत्नी किसी सरकारी नौकरी में है, तो उसके परिवार को नौकरी का लाभ नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें पहले ऑप्शन के तहत (एक साथ ही पूरा वेतन-भत्ते की अदायगी) लाभ दिया जाएगा।
उधर, कर्मचारी संगठनों की मांग थी कि इस पॉलिसी में निर्धारित उम्र 52 साल की बजाए 58 साल तक की जाए, यानि 58 साल तक भी यदि कर्मचारी का निधन होता है तो उसके परिजनों को एक्सग्रेसिया का लाभ मिले। लेकिन सरकार ने कर्मचारी नेताओं की मांग को खारिज करते हुए उम्र सीमा 52 साल ही तय की है।
सीएम ने यह भी की घोषणा
- सरकार अभी तक सरकारी कर्मचारियेां को 5 गंभीर बीमारियों के लिए ही पैनलिस्ट अस्पतालों में कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ देती थी। अब सरकारी कर्मचारियों को हर इंडोर बीमारी के लिए भी मेडिकल सुविधा कैशलेस देने का एलान किया है।
- आउटसोर्सिंग महिला कर्मियों को भी प्रसूति अवकाश मिलेगा। प्रसूति अवकाश के दौरान संबंधित ठेकेदार गर्भवती महिला कर्मचारियों को हर माह वेतन भी देंगे। जिसकी अदायगी सरकार ठेकेदार को करेगी।
- जोखिम सर्विस वाले व सफाई कर्मियों को दस लाख का बीमा सरकार करवाएगी। इसका प्रीमियम सरकार खुद भरेगी।
-एडहॉक कर्मियों का वेतन नहीं रुकेगा, इसके लिए हर डीसी को 1 करोड़ रुपये जारी किया गया है।
- पिछले दिनों 12 दिन तक चली बिजली कर्मियों की हड़ताल के दौरान उनका जो वेतन काटा गया था। उस कटे वेतन को उनकी छुटिट्यों में एडजस्ट कर दिया जाएगा। कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान नहीं होगा।