हरियाणा में वाहन खरीदने पर अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) के लिए लोगों को रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वाहन खरीद के साथ ही डीलर से आरसी भी मिल जाएगी।
सूबे की कुछ एजेंसियों को सरकार ने इस काम के लिए अधिकृत कर दिया है। प्रदेश सरकार के मुताबिक इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोग बिचौलियों के चक्कर में पड़ने से बच जाएंगे।
डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत नए वाहन खरीदने वालों को एक ही छत के नीचे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) जल्द मुहैया करवाई जाएगी। इससे पहले दिल्ली और पंजाब में इस तरह की सुविधा दी जा रही है।
इस सुविधा के लिए प्रदेश में अब तक 40 ऑटोमोबाइल एजेंसियों को अधिकृत किया जा चुका है। जल्द ही पूरे प्रदेश में इसे लागू कर दिया जाएगा।
अभी तक नए वाहन खरीदने वालों को पासिंग और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए कई दफ्तरों में चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें अधिक वक्त लगने के साथ कई और तरह की परेशानियां भी पेश आ रही थीं। इस पहल के जरिए वाहन मालिकों को पहले के बराबर ही रकम चुकाने पर एजेंसियों से आरसी मुहैया होगी।
अब तक वाहनों के रजिस्ट्रेेशन नंबर हासिल करने में 15 दिन से एक महीने का वक्त लगता था। इसमें आने वाली परेशानियों से बचने के लिए अक्सर वाहन मालिकों को बिचौलियों से मदद लेना मजबूरी बन चुकी थी।
प्रदेश में कुछ जगहों पर डीलर प्वायंट रजिस्ट्रेशन नंबर की ट्रायल आधार पर शुरुआत की गई थी, जिसकी सफलता को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में यह सुविधा मुहैया करने का फैसला लिया गया है।
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डीलर प्वायंट रजिस्ट्रेशन से होगा फायदा
-नए वाहन खरीदने के बाद इससे संबंधित दस्तावेज डीलर को मुहैया कराना होगा
-डीलर की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ इंस्पेक्शन जारी किया जाएगा
-संबंधित दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद डीलर की ओर से आरसी जारी किए जाएंगे
-डीलर की ओर से इंस्पेक्शन सर्टिफिकेट हासिल कर, वाहन के चेसिज नंबर का पेंसिल प्रिंट लिया जाएगा
-तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद डीलर के जरिए ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा