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अब घर बैठे मिलेगा जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र

Tue, 24 Nov 2015 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्मार्ट सिटी मिशन की ओर नगर निगम ने एक और कदम रख दिया है। अब शहरवासी अपने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे और उन्हें घर में ही प्रमाण पत्र मिल जाएगा। मंगलवार को प्रशासक के सलाहकार विजय देव ने इस नए सिस्टम को लॉन्च किया है।
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नगर निगम की ओर से पीजीआई, सेक्टर-32 जीएमसीएच और सेक्टर-16 के अस्पताल के लिए सब रजिस्ट्रार नियुक्त कर दिए गए हैं जो बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल में ही प्रमाण पत्र जारी कर देंगे।

नगर निगम के अनुसार मैनुअल सिस्टम भी जारी रहेगा। लेकिन अब लोगों को निगम कार्यालय आकर प्रमाणपत्र आवेदन करने और लेने के लिए कतार में नहीं लगना पड़ेगा। निगम के अनुसार पहली जन्म प्रमाणपत्र की प्रति निशुल्क मिलेगी।
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फिलहाल निजी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को तुरंत प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा नहीं मिल पाएगी। लॉन्चिग के समय निगम की मेयर पूनम शर्मा, कमिश्नर भावना गर्ग, ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता और आईटी विभाग के प्रभारी महेश गांधी भी उपस्थित थे।

दूसरे राज्यों से आए लोगों को होगा फायदा :
इस योजना से दूसरे राज्यों से आए लोगों को काफी मदद मिलेगी। जो लोग दूसरे राज्यों से इलाज के लिए है लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो जाती है। मौत के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए उन्हें अभी तक काफी धक्के खाने पड़ते हैं।

अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा:
सेक्टर-17 के 30 बेस की इमारत में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का कार्यालय है। यहां स्थिति यह है कि लोगों को 4 से 5 लाइनों से गुजकर आवेदन करना पड़ता है। उसके बाद कई कई दिन चक्कर लगाने के बाद प्रमाण पत्र मिलता है। जिस कारण दलालों का भी यहां पर खूब खेल चलता है। अमर उजाला ने तीन माह पहले समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद सलाहकार ने नगर निगम को जल्द से जल्द ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने का निर्देश दिया है।

मनीमाजरा अस्पताल में भी मिलेगी सुविधा:
मनीमाजरा अस्पताल में भी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र की सुविधा मिलेगी। आईएएस एवं नगर निगम के सहायक कमिश्नर भूपेश चौधरी ने बताया कि पीजीआई, सेक्टर-32 के जीएमसीएच, सेक्टर-16 और मनीमाजरा के अस्पतालों में 80 प्रतिशत जन्म एवं निधन के मामले होते हैं।

यह सभी अस्पतालों की जिम्मेवारी है कि वह जन्म और मृत्यु के प्रमाणपत्र जारी करे। अगर बच्चों के नाम पर किसी भी तरह का संशोधन और नाम डलवाना है, वह भी जिम्मेवारी अस्पतालों की ही है।

उन्होंने बताया कि आनलाइन सिस्टम चालू होने से एक फायदा यह है कि एक यूनिक क्विक रिस्पांस कोर्ड भी हर प्रमाण पत्र में प्रिंट होगा यह कोड एक ही व्यक्ति को अलाट होगा। इसे फर्जी प्रमाण पत्रों पर भी रोक लगेगी। कोई भी आवेदन प्रमाणपत्र के लिए http://crsorgi.gov.in/ पर आवेदन कर सकते हैं।
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