चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की ओर से वायलेशन को लेकर अब किसी भी अलॉटी को नया नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
इसके साथ ही जिन अलॉटियों को नोटिस भेजा जा चुका है उनके खिलाफ फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी। सोमवार देर शाम सीएचबी के चेयरमैन बीएस भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हुआ कि फिलहाल फ्लैट की अलॉटमेंट रद्द करने को लेकर कोई नोटिस न भेजा जाए।
बैठक में तय हुआ कि सीएचबी के मकानों में हुई वॉयलेशन को लेकर नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। तब तक नोटिस भेजने पर रोक लगा दी जाए। इससे पहले भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजय टंडन ने सीएचबी के अधिकारियों से मिलकर नोटिस न भेजने का आग्रह किया था। सीएचबी फेडरेशन ने भी इस मुद्दे पर अब केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने की तैयारी कर ली है।
सीएचबी ने हाल ही में 500 ऐसे अलाटीज को नोटिस भेजे हैं, जिनकी मकानों में वॉयलेशन मिली है। इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उनके मकान में वॉयलेशन मिलने पर मकान की अलॉटमेंट को रद्द कर दिया जाएगा।
सीएचबी की ओर से चरणबद्ध तरीके से यह नोटिस भविष्य में कई और अलॉटियों को भी भेजे जाने थे क्योंकि शहर में सीएचबी के करीब 32 हजार मकानों में वॉयलेशन है। सीएचबी के मकानों में जरूरत के अनुसार बदलाव कराने का मामला लंबित पड़ा है। सीएचबी के मकानों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वायलेशभन मिलने पर सीएचबी उनके मकान की अलॉटमेंट को रद नहीं कर सकता है।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे
सीएचबी फेडरेशन के प्रवक्ता रजत मल्होत्रा ने कहा कि वह जल्द ही इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। इसके लिए उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया है।
सीएचबी के अलॉटियों को इस तरह से नोटिस भेजा जाना गलत है। ध्यान रहे कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के 32 हजार से अधिक मकानों यानी आधे घरों में किसी न किसी तरह के वॉयलेशन हैं। यह खुलासा सीएचबी द्वारा करवाए गए सर्वे के दौरान हुआ है। सर्वे के लिए सीएचबी की ओर से गठित टीम ने एक-एक घर का दौरा किया था।