सेंट्रल एक्साइज, कस्टम्स एंड सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के चीफ कमिश्नर पीएस परूथी ने कहा कि सर्विस टैक्स के डिफाल्टरों को वालंटरी कंपलायंस इनकरेजमेंट स्कीम का लाभ उठाना चाहिए।
इससे वे सजा और जुर्माने से बच सकते हैं। वे वीरवार को ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स’(आईसीएआई) की ओर से करवाए गए सेमिनार में पहुंचे थे।
सेक्टर-31 स्थित पीएचडी चैंबर में आयोजित इस सेमिनार में ट्राइसिटी के करीब 400 चार्टेड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया और सर्विस टैक्स के विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
विभाग के कमिश्नर और गेस्ट ऑफ ऑनर परमिंदर सिंह सोढ़ी ने बताया कि डिफॉल्टरों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में सरकार का यह अंतिम प्रयास है।
01 अक्तूबर 2007 से 31 दिसंबर 2012 तक जिन अदाकर्ताओं ने सर्विस टैक्स नहीं जमा करवाया है वे आवेदन कर सकते हैं।
वे टैक्स दो किश्तों में भी जमा करवा सकते हैं। इसकी पहली किश्त 31 दिसंबर और दूसरी अगले साल 30 जून 2014 तक जमा करवानी होगी।
आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर अतुल गुप्ता ने सर्विस टैक्स में हो रहे बदलावों की जानकारी दी।