नगर निगम सफाई कर्मचारियों और क्लास फॉर कर्मचारियों को डीसी रेट पर वेतन देने की तैयारी में है।
इसके अलावा एमओएच विंग में काम करनेवाले आउटसोर्स और ठेके पर लगे कर्मचारियों को डीसी रेट पर वेतन दिया जाएगा।
इससे निगम पर साढ़े सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त सालाना बोझ बढ़ जाएगा। शुक्रवार को होने वाली निगम के सदन की बैठक में यह टेबल एजेंडा लाया जा रहा है।
मेयर सुभाष चावला और सांसद पवन कुमार बंसल ने इसके पास होने की पूरी-पूरी संभावना जताई है।
मेयर ऑफिस में आयोजित प्रैसवार्ता में चावला और सांसद बंसल ने बताया कि इससे एमओएच विंग पर 5.20 करोड़ रुपये अतिरिक्त का खर्च बढ़ेगा।
नगर निगम के एमओएच विंग में 883 कर्मचारी आउट सोर्स और 1034 ठेके पर लगे हैं। डीसी रेट के अनुसार अब एक कर्मचारी को 10,498 वेतन मिलेगा।
मेयर का कहना है कि ऊपर बात हो चुकी है। एजेंडा को प्रशासन से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
रहेड़ी वालों को मिलेंगे लाइसेंस
1991 के बाद फिर रेहड़ी वालों को लाइसेंस मिलने जा रहा है। निगम की बैठक में रेहड़ीवालों को लाइसेंस देने के लिए एजेंडा लाया जा रहा है।
इससे दस हजार से भी अधिक लोगों को लाभ होगा। रेहड़ी के लिए लाइसेंस के लिए कोई गिनती नहीं है। कोई भी लाइसेंस प्राप्त कर सकता है।
आवेदक की उम्र 14 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए। रेहड़ी को एक जगह खड़ा नहीं कर सकते। वी-5 और 6 पर ही रेहड़ी की इजाजत मिलेगी। प्रतिबंधित आइटम रेहड़ी पर नहीं बेच सकेंगे।
एजेंडा को मंजूरी मिलने पर इसके लिए बायलॉज बनाया जाएगा।
रिक्शा चालकों को एक मुश्त लाइसेंस
रिक्शा चालकों को अब कम से कम पांच साल के लिए एकमुश्त लाइसेंस मिलेगा। दक्षिणी सेक्टरों में रिक्शा स्टैंड बनेगा। सेक्टर-17 में चार जगहों पर रिक्शा स्टैंड बनाने के लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है।