हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के लिए आवास, वाहन, कम्प्यूटर एवं विवाह सहित तमाम तरह के ऋण प्राप्त करना और आसान हो गया है। अब कर्मचारी सरकार की तयशुदा ब्याज दर पर ही अनुसूचित बैंकों से ऐसे सभी ऋण का लाभ ले सकेंगे। इससे आवेदकों को अब ऋणों की मंजूरी के लिए अधिक दिनों तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऋण प्रदान करने का कार्य बैंकों को सौंपे जाने का निर्णय लिया। राज्य सरकार बैंकों के साथ एक समझौता करेगी, ताकि कर्मियों की जरुरतें पूरी करने के लिए आसान ऋण की सुविधा मुहैया की जा सके।
माना जा रहा है कि इस निर्णय से ब्याज दरों में छूट देने को लेकर बैंकों के बीच व्यापक एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कर्मचारियों के लिए बेहतर एवं अनुकूल नियम एवं शर्तें भी होंगी।
इसके लिए संबंधित विभागाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, प्रशासनिक सचिव को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर्मचारियों के ऋण आवेदनों को आगे भेजना होगा। दस्तावेज शीघ्र जारी होंगे आगे आसान शर्तों पर बगैर किसी परेशानी कर्मियों को ऋण का लाभ मिल सके।
बैंकों को सौंपा जाएगा लोन पोर्टफोलियो
यह भी देखा गया कि कर्मचारियों को जिस लाभकारी ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है, उसे सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर लागू ब्याज दर से जोड़ा जाता है। राज्य सरकार इसे समय-समय पर संशोधित करती है। बावजूद इसके सरकार की ओर से निर्धारित बजट में कर्मचारियों की जरूरतें पूरी नहीं होती है। इस कारण कर्मचारियों में असंतोष रहता है।
अपनी आवश्यकता को पूरा करने के लिए, कर्मचारी वित्त मंत्री को वर्ष दर वर्ष आधार पर आबंटित ऐच्छिक कोटे से ऋण लेने का प्रयास करते हैं। राज्य सरकार के इस पोर्टफोलियो को बैंकों को सौंपे जाने के निर्णय से कर्मचारियों का असंतोष दूर होगा क्योंकि इसके जरिये तमाम सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। वर्तमान में प्रदान की जा रही ऋण राशि सरकार के पास विकासात्मक कार्यों के लिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा बैंकों के ग्राहक बढ़ेंगे और ऋण प्रदान करने के उनके प्राथमिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
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2.74 लाख कर्मियों में महज नौ फीसदी ने लिए आवास ऋण
प्रदेश में 2.74 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हैं। लेकिन अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार से मिलने वाले ऋण के लिए औपचारिकताएं और इसमें लगने वाले अधिक वक्त के कारण प्रदेश में फिलहाल 24507 कर्मचारियों ने आवास ऋण, 9757 ने वाहन ऋण लिए हैं। इसके अतिरिक्त, 31 मार्च, 2014 तक 7144 कर्मचारियों ने सरकार से कम्प्यूटर ऋण जबकि 16,887 कर्मचारियों ने विवाह ऋण प्राप्त किए हैं।