हरियाणा के परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने दावा किया है कि रोडवेज बसों का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा।
वे मंगलवार को यहां परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। मंत्री ने रोडवेज के महाप्रबंधकों और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की।
अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि इस समय रोडवेज की 4000 से ज्यादा बसें चल रही हैं। रोडवेज को यातायात प्राप्तियों में 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
परिवहन मंत्री ने जिलावार रोडवेज की वोल्वो, सीएनजी, गौरव और अन्य बसों की ताजा स्थिति पूछी। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसें चलाने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जनता को समय एवं जरूरत के अनुसार यातायात उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने कहा कि नई बसें उन्हीं चालकों को दी जाएं जो अनुशासनप्रिय, बस की प्रति लीटर किलोमीटर अच्छी औसत देने वाला हो और जिससे दुर्घटना न हुई हो।
प्रदेश सरकार ने स्कूल व कॉलेजों में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए नि:शुल्क बस सुविधा लागू कर रखी है, इस नियम का सभी लाइसेंसशुदा प्राइवेट बस मालिकों को पालन करना चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि रोडवेज को 406 करोड़ रुपये का सालाना घाटा हुआ है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि बल्लभगढ़, नारनौल, गुड़गांव समेत नौ स्थानों से चंडीगढ़ के लिए सीधी रोडवेज की वातानुकूलित बस सेवा शुरू करने के लिए संभावना तलाशें।
विभाग के प्रधान सचिव आरआर जोवल ने बिना परमिट वाली अंतरराज्यीय बसों की महीने में कम से कम दो बार जांच करने, प्रत्येक जिला मुख्यालय पर रोडवेज के डिपो में ड्राइविंग स्कूल खोलने के लिए जगह तलाशने के निर्देश दिए। परिवहन आयुक्त सुमिता मिश्रा ने बताया कि सभी जिलों में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने, कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्कूल वाहनों की नियमित जांच करने, सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। राज्य परिवहन के महानिदेशक विनीत गर्ग ने विभाग की जानकारी दी।