ट्रांसपोर्ट विभाग में लालफीताशाही खत्म करने के लिए मंगलवार को डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने ई-गवर्नेंस सुधारों को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य में कहीं से भी तीस मिनट के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सकेगा। यह व्यवस्था अप्रैल-15 से शुरू हो जाएगी।
डिप्टी सीएम ने इस संबंध में आयोजित मीटिंग में कहा कि उनका मकसद डीटीओ दफ्तर व आम लोगों केबीच संपर्क कम करना है। साथ ही सभी सेवाओं में पारदर्शिता लाना है। ट्रांसपोर्ट सचिव अनुराग अग्रवाल ने उन्हें बताया कि ई-गवर्नेंस के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है।
इसमें लर्निंग लाइसेंस की मौके पर डिलीवरी के अलावा ई-चालान सिस्टम, एसएमएस अलर्ट, विभाग में ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस डाटा वेरिफिकेशन और डीलर प्वाइंट पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट उपलब्ध कराई जाएंगी।
टेस्ट ड्राइविंग ट्रैक के लिए 32 स्थानों की पहचान हो चुकी है। जोकि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। ट्रैक सेंटर को कंट्रोल सेंटर से मॉनीटर किया जाएगा। सफल आवेदकों को मौकेपर लाइसेंस दिए जाएंगे।
स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अश्वनी कुमार ने बताया कि यह प्रोजेक्ट पीपीपी मोड में चलाया जाएगा। लोगों को सभी सेवाएं विभागीय वेबसाइट से ऑनलाइन मिलनी शुरू हो जाएंगी। उन्हें डीटीओ दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा।
ई-चालान के लिए भी तैयारी पूरी कर ली गई है। मौके पर ही चालान काटे जाएंगे, लोगों का डाटा सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत सर्वर में डाला जाएगा। मौके पर ही जुर्माना भरने की सुविधा भी दी जाएगी।
विभाग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट डीलर के यहां लगाने की सुविधा भी शुरू करेगा। डिप्टी सीएम ने सभी संग्रह केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की हिदायत दी। बैठक में ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़, मुख्य सचिव सर्वेश कौशल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।