चंडीगढ़। एचआईवी को लेकर समाज में फैली विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सोशल वर्क में एक अनोखे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को सोशल वर्क और एनएसएस के वालंटियर्स ने 7 एचआईवी पॉजिटिव पेशेंट्स को राखी बांधकर ‘समानता’ का संदेश देने की कोशिश की।
कार्यक्रम का मकसद लोगों को यह बताना था कि एचआईवी पेशेंट भी आम लोगों की तरह ही जीवन व्यतीत करते हैं। उन्हें अलग नजर से नहीं देखना चाहिए। कार्यक्रम में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आईं 7 महिलाओं में से 5 के पति की मौत एचआईवी के कारण हो चुकी है। इस मौके पर गौरव गौड़ ने कहा कि समाज में आज भी एचआईवी मरीजों को गलत नजर से देखा जाता है। इस बीमारी को लोग व्यक्ति के कैरेक्टर के साथ जोड़कर देखते हैं, जोकि बहुत गलत है। एचआईवी मरीजों को समाज में बराबरी का हक है। इस उद्देश्य के साथ ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनएसएस कॉर्डिनेटर डॉ. नवदीप शर्मा, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. इकरीत सिंह बल, अनुप्रीत कौर मावी, नवनीत कौर, डॉ. उपनीत कौर मंगत आदि रहे। वहीं कार्यक्रम का आयोजन डॉ. गौरव गौड़ ने किया।