चंडीगढ़। एमसीएम डीएवी कॉलेज-36 के यंग कम्युनिकेटर्स क्लब (वायसीसी) ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) प्रायोजित बोलने की कला पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन करवाया। इसमें पीआरसीआई चंडीगढ़ के अध्यक्ष व लेखक विवेक अत्रे बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अमेरिका, कोस्टा रिका, ओमान, फिलीपींस, नाइजीरिया, यूएई, मलयेशिया, घाना, बंगलादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका समेत 19 देशों से 1300 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया। विवेक अत्रे ने प्रतिभागियों को बताया कि अच्छा बोलना सीखने के लिए अच्छा साहित्य पढ़ना चाहिए।
पूर्व आईएएस विवेक अत्रे ने प्रतिभागियों के साथ अपने प्रशासनिक सेवा अनुभव को साझा करते हुए संचार की महत्ता से अवगत कराया। उन्होंने संचार दोष से मनुष्य की प्रतिष्ठा और रिश्तों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने ई-मेल संचार में शिष्टाचार, भाषण के दौरान शरीर के हाव भाव, संक्षिप्त में अपनी बात रखना, आत्मविश्वास, सही शब्दों का प्रयोग करना सिखाया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में सफल होने के लिए एकांत में पहले बोलने का अभ्यास करें और खुद की गलतियों को सुधारें। कॉलेज प्राचार्य डॉ. निशा भार्गव ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए संचार को बढ़ावा के प्रयास की सराहना की। उन्होंने युवाओं से जीवन में सफलता के लिए अपने संचार कौशल को निखारने का आह्वान किया।